Indian Driving Licence: विदेश यात्रा के दौरान कई लोगों का सपना होता है कि वे वहां की खूबसूरत सड़कों पर खुद गाड़ी चलाएं. अच्छी बात यह है कि दुनिया के कई देश ऐसे हैं जहां भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस के आधार पर भी वाहन चलाने की अनुमति मिलती है. हालांकि हर देश के अपने नियम और शर्तें होती हैं, इसलिए यात्रा से पहले जानकारी लेना जरूरी है.
अमेरिका में करें रोड ट्रिप
अगर आप अमेरिका घूमने जा रहे हैं तो कई राज्यों में भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस के साथ गाड़ी चला सकते हैं. आमतौर पर लाइसेंस अंग्रेजी में होना चाहिए और कुछ जगहों पर प्रवेश से जुड़े दस्तावेज भी साथ रखने पड़ सकते हैं. अमेरिका की लंबी और शानदार सड़कों पर रोड ट्रिप का अलग ही मजा है.
शादी में दूल्हे को मिला 60 लाख कैश और गाड़ी? क्या इनपर देना होगा TAX, जान लें नियम
ब्रिटेन के नियम
UK में भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस के जरिए एक साल तक ड्राइविंग की जा सकती है. इसमें इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड शामिल हैं. यह सुविधा खासतौर पर पर्यटकों और अल्पकालिक यात्रियों के लिए फायदेमंद है.
ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड
ऑस्ट्रेलिया के कई राज्यों में भारतीय लाइसेंस मान्य है, हालांकि नियम राज्य के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं. वहीं न्यूजीलैंड में भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस के आधार पर एक साल तक वाहन चलाया जा सकता है. यदि लाइसेंस अंग्रेजी में है तो प्रक्रिया और आसान हो जाती है.
फ्रिज की कूलिंग कम हो रही है? ये छोटी गलतियां हो सकती हैं वजह
यूरोप के देशों की लिस्ट
फ्रांस, जर्मनी, स्विट्जरलैंड और स्वीडन जैसे देशों में भी भारतीय लाइसेंस को मान्यता दी जाती है. हालांकि कुछ देशों में लाइसेंस का अनुवाद या अतिरिक्त दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है. जर्मनी में आमतौर पर छह महीने तक भारतीय लाइसेंस पर ड्राइविंग की अनुमति मिलती है, जबकि फ्रांस और स्विट्जरलैंड में यह अवधि एक साल तक हो सकती है.
कनाडा, सिंगापुर और दक्षिण अफ्रीका
कनाडा के कई प्रांतों में भारतीय लाइसेंस सीमित अवधि के लिए स्वीकार किया जाता है. इसके अलावा सिंगापुर और दक्षिण अफ्रीका भी उन देशों में शामिल हैं जहां भारतीय नागरिक अपने लाइसेंस के आधार पर वाहन चला सकते हैं. कुछ मामलों में इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट साथ रखना फायदेमंद साबित हो सकता है.
इन बातों का रखें ध्यान
विदेश में ड्राइविंग शुरू करने से पहले संबंधित देश के नियम जरूर जांच लें. कई देशों में लाइसेंस का अंग्रेजी में होना जरूरी होता है, जबकि कुछ जगहों पर इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट की भी मांग की जा सकती है. इसके अलावा वाहन किराए पर लेने वाली कंपनियों के अलग नियम भी हो सकते हैं.
