CCTV Installation: घर में, दुकान पर, पब्लिक प्लेस पर सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरा इंस्टॉल किए जाते हैं. आज के समय में बढ़ते हुए क्राइम को देखते हुए ये बेहद जरूरी भी हैं. लेकिन कई बार घर पर या घर के बाहर लगाने पर ये पड़ोसियों के लिए परेशानी का सबब भी बन सकते हैं. हो सकता है कि ये किसी को पसंद आए या ना पसंद आए. क्योंकि किसी के घर के बाहर यदि कैमरा लगा होगा तो उसका पड़ोसी भी उस कैमरा में कैद तो जरूर होगा ही. ऐसे में ये पड़ोसी की प्राइवेसी का उल्लंघन माना जाएगा. आइये जानते हैं, घर पर सीसीटीवी लगवाने के नियम क्या कहते हैं.
घर पर सीसीटीवी लगवाने के नियमवैसे तो घर पर सीसीटीवी लगवाने के कोई खास नियम नहीं हैं, लेकिन सीसीटीवी लगवाने वाले के पास सुरक्षा का अधिकार होता है. तो वहीं पड़ोस में रहने वाले व्यक्ति के पास प्राइवेसी का अधिकार होता है. ऐसे में दोनों ही एक दूसरे के अधिकार का हनन नहीं सकते हैं. सीसीटीवी लगवाने वाले को इस बात का ध्यान रखना होगा कि वो सामने वाले की प्राइवेसी का हन ना कर रहा है. कैमरा केवल सुरक्षा की दृष्टि से लगाया गया हो ना कि किसी के घर में ताक-झांक करने के लिए.
क्या कहता है कानून?इस मामले में कानून का भी यही मानना है, कि यदि किसी के घर का कैमरा दूसरे के घर के निजि पलों या अंदर की गतिविधियों को रिकॉर्ड कर रहा है तो ये गलत है. ये किसी की निजता का उल्लंघन कहलाएगा. ऐसे में कानून भी यही सलाह देता है कि पहले पड़ोसी से बात की जाए, यदि उसे भी कोई आपत्ति नहीं है तो आप कैमरा लगवा सकते हैं. हालांकि इसका एक पहलू ये भी है कि किसी को यदि परेशानी है तो वो इसकी शिकायत करते निकलवा नहीं सकता है.
कोचि से मामला आया था सामनेबता दें कि नवंबर 2025 में कोचि से एक ऐसा ही मामला सामने आया था. जहां दो पड़ोसियों के बीच सीसीटीवी को लेकर मतभेद था, ये मामला कोर्ट तक जा पहुंचा था और पड़ोसी ने सीसीटीवी निकलवाने की मांग की थी. हालांकि दूसरे पक्ष की दलील को सुनने के बाद कोर्ट भी इस नतीजे पर पहुंचा था कि कोई ऐसे किसी की सुरक्षा का उल्लंघन नहीं कर सका, तो वहीं एक व्यक्ति सीसीटीवी की वजह से दूसरे की प्राइवेसी का भी उल्लंघर नहीं कर सकता. ऐसे में कोर्ट इस मामले पर दोनों ही पक्षों का समर्थन करते हुए फैसला सुनाया था.
