सरकारी कर्मचारियों की रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन को लेकर जम्मू-कश्मीर से अहम खबर सामने आई है. यहां करीब 275 शिक्षकों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के बजाय पुरानी पेंशन योजना (OPS) के तहत आने के लिए आवेदन करने की अनुमति मिली है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सभी शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ मिल जाएगा. प्रत्येक कर्मचारी की पात्रता सरकारी आदेश में तय शर्तों के आधार पर जांची जाएगी.

Continues below advertisement

श्रीनगर स्थित केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) ने 6 अक्टूबर 2026 को शिक्षकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें सरकारी नियमों के तहत OPS के लिए आवेदन करने की अनुमति दी. अधिकरण ने स्पष्ट किया कि आवेदन करने की अनुमति मिलने का अर्थ पेंशन का लाभ मिलना तय होना नहीं है. अंतिम निर्णय संबंधित विभाग पात्रता और सरकारी आदेश की शर्तों के अनुसार करेगा. किन कर्मचारियों को मिल सकता है फायदा?

यह मामला उन शिक्षकों से जुड़ा है, जिन्होंने 1 जनवरी 2010 से पहले पढ़ाना शुरू कर दिया था, लेकिन उनकी सरकारी सेवा को स्थायी दर्जा इस तारीख के बाद मिला. जम्मू-कश्मीर में 1 जनवरी 2010 से राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए NPS लागू हुआ था. इसी वजह से इन शिक्षकों को पुरानी पेंशन की जगह नई पेंशन व्यवस्था में शामिल किया गया.

Continues below advertisement

शिक्षकों का तर्क था कि उनकी नौकरी की शुरुआत NPS लागू होने से पहले हो चुकी थी, इसलिए पेंशन तय करते समय केवल नियमितीकरण की तारीख को आधार नहीं बनाया जाना चाहिए.

OPS चुनने पर क्या होगा?

यदि कर्मचारी की पात्रता स्वीकार कर ली जाती है और उसे पुरानी पेंशन योजना में शामिल किया जाता है, तो उसका NPS खाता बंद किया जाएगा और उसे सामान्य भविष्य निधि (GPF) में योगदान देना होगा. इसलिए विकल्प चुनने से पहले संबंधित कर्मचारी को नियमों और इसके वित्तीय प्रभावों को समझना जरूरी है.

यह आदेश सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए OPS बहाल नहीं करता. इसका लाभ केवल निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले जम्मू-कश्मीर के पात्र कर्मचारियों को मिल सकता है.

2026 के सरकारी आदेश में क्या हैं शर्तें?

जम्मू-कश्मीर के वित्त विभाग ने 28 सितंबर 2026 को सरकारी आदेश संख्या 305-F जारी किया था. इसके तहत उन पात्र कर्मचारियों को NPS से OPS में जाने का एक बार का विकल्प दिया गया है, जिनकी भर्ती के लिए पद या रिक्तियां 24 दिसंबर 2009 से पहले विज्ञापित या अधिसूचित हुई थीं, लेकिन उन्होंने 1 जनवरी 2010 या उसके बाद सेवा शुरू की.

पात्र कर्मचारियों को 28 दिसंबर 2026 तक अपना विकल्प चुनना होगा. आवेदन संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO) के माध्यम से जमा किया जा सकता है. इसके बाद मामला विभागीय अधिकारियों के पास जांच और निर्णय के लिए भेजा जाएगा.

यह भी पढ़ें- ट्रेन से पार्सल भेजना हुआ सस्ता, रेलवे ने किया बंपर डिस्काउंट का ऐलान

यह भी देखें-