Investment Tips: जब भी रुपये की कीमत डॉलर के मुकाबले गिरती है, लोगों के मन में एक सवाल जरूर आता है कि अपनी सेविंग्स को कैसे बचाकर रखें, पैसा कहां निवेश करें. ऐसे समय में सोना, फिक्स्ड डिपॉजिट सबसे ज्यादा सुरक्षित माने जाते हैं. हालांकि कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन दोनों में से कोई भी एक ऑप्शन हर स्थिति के लिए सबसे बेहतर नहीं होता.
कमजोर रुपया, चमका सोनासोने की कीमत इंटरनेशनल बाजार में डॉलर में तय होती है. इसलिए जब रुपया कमजोर होता है, तो भारत में सोने की कीमतें अक्सर बढ़ जाती हैं. यही वजह है कि सोने को रुपये की कमजोरी से बचाव का अच्छा साधन माना जाता है.
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एक्सपर्ट्स की मानें तो पिछले कई सालों में रुपये में गिरावट के दौरान सोने ने FD की तुलना में बेहतर रिटर्न दिया है. हालांकि इसका मतलब ये भी नहीं है कि हर बार सोने की कीमत बढ़ेगी. कई बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत गिरने से निवेशकों को नुकसान भी हो सकता है.
FD में है पैसा सुरक्षित?FD भारतीय निवेशकों की पहली पसंद मानी जाती है क्योंकि इसमें पैसा सुरक्षित रहता है और रिटर्न पहले से तय होता है. लेकिन अगर FD पर 7% ब्याज मिल रहा हो और महंगाई 5% के आसपास हो, तो टैक्स काटने के बाद असली कमाई काफी कम रह जाती है. इसका मतलब है कि आपका पैसा सुरक्षित तो रहता है, लेकिन उसकी खरीदने की ताकत धीरे-धीरे घट सकती है. खासकर तब, जब रुपये की कमजोरी के कारण इम्पोर्ट किया गया सामान और ईंधन महंगे हो जाएं.
क्या करें निवेशक?ऐसी स्थिति में एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि रुपये में गिरावट देखकर घबराने की जरूरत नहीं है. पूरा पैसा किसी एक एसेट में लगाने के बजाय निवेश को अलग-अलग जगह बांटना बेहतर रणनीति है. पोर्टफोलियो में FD, गोल्ड, इक्विटी और रियल एस्टेट का बैलेंस बनाकर रखने से जोखिम कम होता है और लंबे समय में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ जाती है.
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