e-RCT System: भारतीय रेलवे अब क्लेम से जुड़े मामलों को लेकर बड़ा डिजिटल कदम उठाने जा रहा है. यात्रियों को मुआवजा पाने के लिए लंबे समय तक इंतजार और दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत न पड़े. इसके लिए नया e-RCT सिस्टम लॉन्च किया जा रहा है. यह पूरी तरह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म होगा.

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 जहां क्लेम दर्ज करने से लेकर सुनवाई और फैसले तक की प्रक्रिया डिजिटल मोड में पूरी की जा सकेगी. रेलवे का मकसद है कि आम आदमी को कम से कम परेशानी झेलनी पड़े. अब तक जो काम कागजों और फिजिकल फाइलों में अटका रहता था. वह ऑनलाइन आप उसे ट्रेक कर सकेंगे. जान लें कैसे काम करेगा सिस्टम.

क्या है e-RCT सिस्टम?

e-RCT यानी इलेक्ट्रॉनिक रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल एक ऐसा ऑनलाइन सिस्टम है. जहां कोई भी व्यक्ति अपने मुआवजे से जुड़ा केस घर बैठे दर्ज कर सकता है. पहले हादसे, सामान के नुकसान, चोरी, किराया विवाद या दूसरे मुआवजा मामलों में ट्रिब्यूनल ऑफिस जाकर आवेदन करना पड़ता था. 

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अब यही प्रोसेस डिजिटल हो जाएगी. इस प्लेटफॉर्म पर रेलवे दुर्घटनाओं से जुड़े क्लेम, लगेज डैमेज, रिफंड विवाद और अन्य मुआवजा दावों को ऑनलाइन सबमिट किया जा सकेगा. अब छोटे से बड़े क्लेम के लिए लोगों को एक ही सिस्टम मिलेगा.

कैसे दर्ज होगा क्लेम?

इस प्लेटफॉर्म पर केस दर्ज करना स्टेप बाय स्टेप होगा. कोई भी व्यक्ति कभी भी और कहीं से लॉगिन करके आवेदन कर सकेगा. आवेदन के दौरान एक डिजिटल चेकलिस्ट दी जाएगी, जिससे जरूरी जानकारी छूटे नहीं. सभी संबंधित दस्तावेज सीधे पोर्टल पर अपलोड किए जा सकेंगे. 

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केस फाइल होने के बाद सिस्टम अपने आप उसे संबंधित अधिकारी को अलॉट कर देगा. यानी मैन्युअल देरी की गुंजाइश कम होगी. नोटिस, जवाब और बाकी दस्तावेज भी ऑनलाइन मौजूग रहेंगे. इससे आवेदक को हर स्टेज पर अपडेट मिलता रहेगा.

ई-हियरिंग की सुविधा होगी

e-RCT सिस्टम की बड़ी खासियत ई-हियरिंग सुविधा है. अब सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हो सकेगी. जिससे ट्रिब्यूनल ऑफिस जाने की जरूरत कम पड़ेगी. इससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी. सबसे अहम बात यह है कि आवेदन से लेकर आखिरी फैसले तक केस की पूरी डिटेल. एक ही प्लेटफॉर्म पर दिखाई देगी. जिससे लाखों यात्रियों को अब सीधा फायदा होगा.

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