ITR Filing: इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइल करने का सीजन शुरू हो चुका है. हर साल लाखों लोग आखिरी तारीख के करीब पहुंचकर जल्दबाजी में रिटर्न भरते हैं और कई बार गलत ITR फॉर्म चुन लेते हैं. इसका नुकसान बाद में नोटिस, रिफंड अटकने या दोबारा रिटर्न भरने के रूप में उठाना पड़ सकता है. अगर आप भी पहली बार ITR भरने जा रहे हैं या हर बार किसी सीए की मदद लेते हैं तो ये खबर आपके काम की है. यहां से समझिए कि कौन-सा ITR फॉर्म किसके लिए होता है और घर बैठे ऑनलाइन रिटर्न कैसे फाइल किया जाता है. इससे आपको किसी को बिना फीस भरे, खुद ही आईटीआर फाइल करना आ जाएगा.

Continues below advertisement

ITR क्या है?

ITR यानी Income Tax Return एक ऐसा फॉर्म है जिसमें आप सरकार को बताते हैं कि सालभर में आपकी कितनी कमाई हुई और आपने कितना टैक्स भरा. अगर ज्यादा टैक्स कट गया है तो रिफंड भी इसी प्रक्रिया से मिलता है. सैलरी, बिजनेस, किराया, शेयर बाजार या फ्रीलांसिंग जैसी कमाई करने वालों के लिए ITR भरना जरूरी हो सकता है.

Continues below advertisement

Petrol Diesel News: 'देश में बचा सिर्फ 2 दिन का पेट्रोल, पंपों पर हो रही मारामारी', अब आया सरकार का बयान

कौन-सा ITR फॉर्म आपके लिए सही?

गलत फॉर्म चुनना सबसे बड़ी गलती मानी जाती है. इसलिए पहले यह समझना जरूरी है कि आपकी आय किस कैटेगरी में आती है. यहां देखें आईटीआर से चारों फॉर्मस्- 

ITR-1- ये सबसे आसान फॉर्म है. अगर आपकी कमाई सिर्फ सैलरी, एक घर की प्रॉपर्टी और ब्याज से होती है और सालाना आय 50 लाख रुपये तक है, तो आमतौर पर ITR-1 भर सकते हैं.

ITR-2- अगर आपकी इनकम 50 लाख से ज्यादा है, एक से ज्यादा प्रॉपर्टी है या शेयर बाजार/कैपिटल गेन से कमाई हुई है, तो यह फॉर्म इस्तेमाल होता है.

ITR-3- यह फॉर्म बिजनेस करने वालों, प्रोफेशनल्स, फ्रीलांसर या ट्रेडिंग से कमाई करने वालों के लिए होता है.

ITR-4- ये छोटे कारोबारियों, दुकानदारों या presumptive income scheme वाले टैक्सपेयर्स के लिए होता है.

घर बैठे ITR कैसे फाइल करें?

अब ITR फाइल करने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है. पूरा काम मोबाइल या लैपटॉप से घर बैठे हो सकता है. यहां से देखें सारे स्टेप्स- 

1. इनकम टैक्स पोर्टल 

सबसे पहले इनकम टैक्स की ऑफिशियल वेबसाइट यानी पोर्टल (https://www.incometax.gov.in/iec/foportal/) पर लॉगिन करें.

2. जरूरी दस्तावेज रखें

  • पैन कार्ड
  • आधार कार्ड
  • Form 16
  • बैंक डिटेल्स
  • AIS/TIS जानकारी
  • निवेश और टैक्स सेविंग प्रूफ

3. सही साल चुनें

जिस वित्त वर्ष की इनकम का रिटर्न भर रहे हैं, उसके अनुसार सही आकलन वर्ष चुनना जरूरी है.

4. सही ITR फॉर्म सिलेक्ट करें

अब अपनी आय के हिसाब से सही ITR फॉर्म चुनें. पोर्टल पर कई जगह हेल्प ऑप्शन भी दिया जाता है.

5. जानकारी भरें

अपनी सैलरी, बैंक ब्याज, निवेश और टैक्स डिटेल भरें. सबकुछ दोबारा चेक जरूर करें यानी वेरिफाई करें.

6. e-Verification करें

रिटर्न भरने के बाद आधार ओटीपी, नेट बैंकिंग या डिमैट अकाउंट के जरिए ई- वेरिफाई करना जरूरी होता है. बिना वेरिफिकेशन के ITR अधूरा माना जाता है.

ITR फाइल करने से पहले आपके पास होने चाहिए ये 6 कागज, वरना फंस जाएगा पैसा

ITR भरते समय ये गलतियां न करें-

  • गलत ITR फॉर्म चुनना
  • बैंक अकाउंट अपडेट न करना
  • AIS/TIS डेटा मैच न करना
  • आखिरी तारीख का इंतजार करना
  • e-Verification भूल जाना

जल्दी फाइल करने का फायदा क्या है?

जल्दी आईटीआर फाइल करने पर रिफंड जल्दी मिलता है. साथ ही आखिरी समय में वेबसाइट स्लो होने या तकनीकी दिक्कतों से भी बचाव होता है. इसके अलावा होम लोन, वीजा और कई फाइनेंशियल कामों में ITR एक अहम दस्तावेज माना जाता है. इसलिए समय रहते सही तरीके से रिटर्न फाइल करना जरूरी है.