Free Services for Indians: हमें अकसर यह लगता है कि बेसिक सर्विसेज हर जगह एक सी होती हैं. हम यह मानकर चलते हैं कि अगर हमारे लिए कोई चीज फ्री है, तो यही नियम दूसरे देशों पर भी लागू होता है. जबकि सच्चाई कुछ और ही है. आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत में ऐसी कई सारी चीजें हम फ्री में इस्तेमाल करते हैं, जिसके लिए अमेरिका में लोग अच्छी-खासी कीमतें अदा करते हैं. आइए इस बारे में थोड़ा डिटेल में जानते हैं.

Continues below advertisement

पैसा भेजना बिल्कुल फ्री

भारत में UPI या डिजिटल पेमेंट्स पूरी तरह से मुफ्त है. आप ऐप खोलकर नंबर टाइप करते हैं और सेंड दबाने के साथ ट्रांजैक्शन कम्प्लीट हो जाता है. इसके लिए कोई फस वगैरह देनी नहीं पड़ती है. वहीं, इसकी तुलना अगर अमेरिका से करें, तो वहां Venmo या PayPal जैसे ऐप्स के जरिए पैसे भेजने या क्रेडिट ट्रांजैक्शन पर फीस देनी पड़ती है. यहां तक कि कुछ मामलों में बैंक अकाउंट पर भी मंथली मेंटेनेंस चार्ज लगता है. 

खुशकिस्मत हैं हिंदुस्तानी

भारत में आप रेलवे स्टेशन पर जा सकते हैं,  छोटी-मोटी फीस देकर ऑनलाइन टिकट बुक करा सकते हैं, मेंबरशिप के बारे में सोचे बिना ऐप के जरिए सरकारी सेवाओं को स्ट्रीम भी कर सकते हैं. कई मोबाइल प्लान, मुफ्त इनकमिंग कॉल, SMS और डेटा पैक  ऐसी कीमतों पर आते हैं, जो अमेरिका में अवास्तविक लगती हैं.

Continues below advertisement

आपको बता दें कि भारत में मोबाइल डेटा की कीमतें दुनिया में सबसे कम हैं. अमेरिका में एक सामान्य अनलिमिटेड प्लान के लिए लोग 50-80 डॉलर (करीब 4000-6500 रुपये) प्रति माह खर्च करते हैं, जबकि भारत में यह काम 300-700 रुपये में आराम से हो जाता है. 

भारत में 'Zomato Gold'या 'Swiggy One' जैसे सब्सक्रिप्शन बहुत सस्ते हैं. वहीं, अमेरिका में 'DoorDash'या 'UberEats'डिलीवरी के लिए मोटी फीस वसूलती है. ऊपर से भारी-भरकम टिप्स अलग से देना पड़ता है.

भारत में प्लंबर, ब्यूटीशियन और इलेक्ट्रीशियन को घर पर बुलाना सस्ता है, जबकि अमेरिका में इसके लिए मोटी 'विजिटिंग फीस' देनी पड़ती है. भारत में सरकारी अस्पतालों में इलाज और दवाइयां मुफ्त हैं. अमेरिका में बिना महंगे 'हेल्थ इंश्योरेंस' के एक सामान्श् चेकअप की फीस भी हजारों में होती है.

ये भी पढ़ें:

यूपी में स्मार्ट मीटर पर बड़ा अपडेट, जीरो बैलेंस हुआ तो क्या होगा? नए 'नो कट' रूल को समझ लीजिए