Good News for Smart Meter Users: उत्तर प्रदेश सरकार ने छोटे बिजली यूजर्स को बड़ी राहत दी है. अब अगर आपका बिजली बैलेंस नेगेटिव में चला जाता है तब भी कनेक्शन तुरंत नहीं काटा जाएगा. सबसे खास बात तो यह है कि 1 किलोवाट तक के कनेक्शन वाले यूजर्स का कनेक्शन एक महीने तक नहीं काटा जाएगा.

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वहीं अगर बात करें 2 किलोवाट की तो इन यूजर्स के लिए 200 रुपये तक माइनस होने पर भी बिजली चालू रहेगी. यह फैसला खासतौर से उन लोगों के लिए राहत भरा साबित होगा, जो किसी कारण टाइम पर बिजली बिल जमा नहीं कर पाते है. गर्मी को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है, ताकि कोई भी जरूरी सुविधा से वंचित न रहें.

कनेक्शन काटने से पहले मिलेंगे 5 SMS

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इसके साथ ही सरकार ने बिजली विभाग को साफ निर्देश दिए हैं कि किसी भी यूजर का कनेक्शन काटने से पहले कम से कम 5 SMS भेजे.

  • सबसे पहला मैसेज 30 प्रतिशत बैलेस बचने पर आएगा.
  • उसके बाद 10 प्रतिशत बैलेंस पर दूसरा मैसेज भेजा जाएगा.
  • फिर बैलेंस खत्म होने पर तीसरा मैसेज भेजा जाएगा.
  • कनेक्शन कटने से एक दिन पहले चौथा मैसेज भेजा जाएगा.
  • और आखिर में कनेक्शन कटने के बाद पांचवां मैसेज भेजा जाएगा.

इससे यूजर्स को समय रहते जानकारी मिलेगी और वह बिना ओर देरी किए रिचार्ज कर पाएंगे. इसके साथ ही गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बिजली सप्लाई में किसी भी तरह की कोई बाधा न आए और साथ ही शिकायतों का तुरंत समाधान करने को कहा गया है.

स्मार्ट मीटर यूजर्स को भी राहत

  • जरूरी बात अगर नई व्यवस्था के तहत स्मार्ट मीटर का बैलेंस खत्म हो जाता है, फिर भी तुरंत बिजली नहीं कटेगी.
  • जैसे 2 किलोवाट तक 200 माइनस होने पर सप्लाई जारी रहेगी.
  • वहीं 1 किलोवाट तक कनेक्शन नहीं काटा जाएगा.
  • इसकी साथ ही संडे या सरकारी छुट्टी वाले दिन भी कनेक्शन नहीं कटेगा.

नए स्मार्ट मीटर पर खास छूट मिलेगी

जहां हाल ही में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, वहां यूजर्स को अतिरिक्त राहत दी गई है जैसे...

  • पहले 15 दिन का कन्वर्जन पीरियड होगा.
  • वहीं उसके बाद 30 दिन तक कनेक्शन नहीं कटेगा.
  • इससे लोगों को नए सिस्टम को समझने का टाइम मिलेगा.

जांच के लिए बनी हाई लेवल कमेटी बनी

स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता जांचने के लिए एक हाई लेवल कमेटी बनाई गई है, जिसमें IIT Kanpur के एक्सपर्ट्स भी शामिल हैं. यह कमेटी 10 दिनों में अपनी रिपोर्ट देगी, जिसके बाद आगे के फैसले लिए जाएंगे.