अगर आप भी हाईवे पर सफर करने के लिए FASTag का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके काम की है. कई बार FASTag में पैसे होने के बावजूद टोल प्लाजा पर बैलेंस कम बताकर अतिरिक्त जुर्माना वसूल लिया जाता है. ऐसा ही एक मामला चंडीगढ़ के एक कंज्यूमर कमीशन ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और एक ऑनलाइन पेमेंट्स बैंक को गलत तरीके से वसूली गई 100 रुपये की FASTag पेनल्टी लौटाने का आदेश दिया है. 

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खास बात यह है कि जुर्माना लगने के समय वाहन चालक के FASTag वॉलेट में 210 रुपये का बैलेंस था. कमीशन ने वाहन चालक को मानसिक परेशानी और मुकदमे के खर्च के लिए 4,000 रुपये अतिरिक्त देने का भी निर्देश दिया. इस तरह उसे कुल 4,100 रुपये मिलेंगे.

210 रुपये बैलेंस होने पर भी क्यों लगा 100 रुपये का जुर्माना?

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द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला 17 जून 2022 का है. शिकायतकर्ता चंडीगढ़ से जालंधर जा रहा था. रास्ते में बेहराम टोल प्लाजा पर उससे टोल फीस के साथ 100 रुपये की अतिरिक्त पेनल्टी भी वसूल की गई. उस समय FASTag सिस्टम में उसके वॉलेट का बैलेंस कम होने का संकेत दिखाई दिया था.

हालांकि, वाहन चालक का कहना था कि उसके FASTag वॉलेट में उस समय 210 रुपये मौजूद थे. इसके बावजूद उससे टोल फीस और पेनल्टी मिलाकर कुल 200 रुपये ले लिए गए. उसने NHAI के फरवरी 2021 के सर्कुलर का हवाला देते हुए इस वसूली को गलत बताया. इसके बाद उसने कंज्यूमर कमीशन में शिकायत दर्ज कराई और 100 रुपये वापस करने के साथ मानसिक परेशानी के लिए मुआवजा और मुकदमे का खर्च देने की मांग की.

बैंक ने मिनिमम बैलेंस का दिया था हवाला

मामले की  सुनवाई के दौरान ऑनलाइन पेमेंट्स बैंक ने दलील दी कि FASTag अकाउंट में कम से कम 150 रुपये का सिक्योरिटी बैलेंस रखना जरूरी होता है. बैंक के मुताबिक, इस रकम का इस्तेमाल सीधे टोल भुगतान के लिए नहीं किया जा सकता. वहीं, NHAI कमीशन के सामने पेश नहीं हुआ, जिसके बाद उसके खिलाफ एकतरफा कार्यवाही आगे बढ़ी.

FASTag से गलत पैसे कटें तो क्या करें?

  • FASTag वॉलेट में मौजूद बैलेंस का स्क्रीनशॉट लें.
  • ट्रांजैक्शन हिस्ट्री और टोल प्लाजा की रसीद संभालकर रखें.
  • FASTag जारी करने वाले बैंक या सर्विस प्रोवाइडर के पास शिकायत दर्ज कराएं.

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