Emergency Fund: किसी को पता नहीं होता है कि जीवन में कब, कैसे और कहां मुसीबत आ जाए. अचानक नौकरी चली जाना तो वहीं बीमारी का खतरा किसी भी परिवार के बजट को हिला सकता है. अक्सर लोग ऐसे ही समय के लिए अपनी सैलरी से कुछ पैसे बचा कर चलते हैं. यही पैसा आपकी मुश्किल समय में मदद कर सकता है और इसे ही इमरजेंसी फंड कहा जाता है. आज के समय में लोग अपनी जरूरतों या फिर किसी मुश्किल समय के लिए लोन ले लेते हैं. लेकिन अगर ऐसे समय में आपके पास इमरजेंसी फंड हो तो आपको किसी से लोन लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी. 

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इमरजेंसी फंड कितना होना चाहिए?

इसकी कोई लिमिट नहीं होती है. यह आपकी स्थिति पर निर्भर करता है जैसे...

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  • अगर आपकी नौकरी सुरक्षित है और आपके पास किसी भी तरह की कोई जिम्मेदारी नहीं है तो आपके लिए 3 से 4 महीने तक का इमरजेंसी फंड पर्याप्त है.
  • वहीं अगर आप शादीशुदा हैं तो आपके पास कम से कम 6 से 9 महीने का खर्च होना ही चाहिए, ताकि किसी भी मुश्किल स्थिति में परिवार सुरक्षित रहे.
  • ध्यान रहे अगर आपके बच्चे हैं और आपने होम लोन लिया है, साथ ही आपकी आय स्थिर नहीं है तो कम से कम 12 महीने का खर्च इमरजेंसी फंड के रूप में रखना चाहिए.

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सुरक्षित रखें फंड

इमरजेंसी फंड रखने के पीछे का मकसद मुनाफा कमाना नहीं होता है, बल्कि जब आप या आपका परिवार किसी मुसीबत में हो, तब उसे इस्तेमाल करने के लिए इमरजेंसी फंड रखा जाता है. इसलिए इसे सुरक्षित और आसानी से निकाले जाने वाले ऑप्शन में रखना चाहिए.

  • आप अपने फंड का 1 से 2 महीने का खर्च सेविंग अकाउंट में रखें, जिसे आप कभी भी ATM या UPI से निकाल सकते हैं.
  • दूसरा आप स्वीप-इन FD में भी रख सकते हैं. इसमें आपको सेविंग अकाउंट के मुकाबले ज्यादा ब्याज मिलता है और जरूरत पड़ने पर बिना जुर्माने के पैसा तुरंत मिल जाता है.
  • इसके साथ ही बाकी का पैसा आप लिक्विड म्यूचुअल फंड में रख सकते हैं, जहां जोखिम कम होता है और 1-2 दिन में पैसा मिल जाता है.
  • इन सभी जरूरी बातों को ध्यान में रखते हुए, आप इमरजेंसी फंड तैयार कर सकते हैं. यह आपको मुसीबत के समय काफी मददगार साबित हो सकता है.

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