Corona Lockdown: SC ने क्यों कहा ‘वकील खाली बैठे हैं तो क्या कुछ भी दाखिल कर देंगे’
ABP News Bureau | 21 Apr 2020 11:45 PM (IST)

बेकार आदमी कुछ किया कर कपड़े उधेड़ कर लिया कर फिल्म जौली एलएलबी दो में वकील प्रमोद माथुर यानी अनु कपूर, अपने प्रतिद्वंद्वी वकील जगदीश्वर मिश्रा बने अक्षय कुमार के लिए ऐसा कहते हैं। आज सुप्रीम कोर्ट ने भी ऐसी ही बात एक वकील से कही। कोर्ट ने कहा, “अगर इन दिनों कोई काम नहीं है तो इसका मतलब यह नहीं कि आप लोग कुछ भी याचिका दाखिल करने लगें।“
याचिकाकर्ता मास्क और सैनिटाइजर से जीएसटी हटाने की मांग कर रहे थे। आज सुप्रीम कोर्ट में लगे ज्यादातर मामले कोरोना और लॉकडाउन से जुड़े हुए थे। सब पर कोर्ट का यही रवैया था कि सरकार हालात के हिसाब से उचित फैसले ले रही है अदालत गैरजरूरी आदेश पारित करके मामले को और नहीं उलझाना चाहते।लॉकडाउन के दौरान चिड़ियाघर के जानवरों को सही मांस न मिल पाने, उनकी देखभाल न हो पाने पर भी एक याचिका सुनवाई शिकायत पर कोई आदेश देने से SC ने मना किया। कहा- अभी इंसान भी दिक्कत में हैं। सरकार हालात के मुताबिक कदम उठा रही है। राज्यों को सीधे मेडिकल उपकरण खरीदने से रोकने वाले केंद्र के आदेश में दखल देने से सुप्रीम कोर्ट ने मना कर दिया। कोर्ट ने कहा- “कोरोना की समस्या सिर्फ एक राज्य तक सीमित नहीं है। क्या होगा अगर एक ही राज्य सारे PPE किट खरीद ले? बेहतर है, केंद्र सरकार को हालात के मुताबिक निर्णय लेने दिया जाए।“
लॉकडाउन में खाली बैठे मज़दूरों को आमदनी देने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने कोई आदेश देने से मना कर दिया। कोर्ट का कहना था, “ऐसी कई बातें ऐसी हैं, जो सुनने में सही लग सकती हैं। लेकिन मौजूदा हालात में सरकार बेहतर समझती है कि संसाधन का कैसे सही इस्तेमाल हो। हम सरकार को ऐसा कोई आदेश नहीं देना चाहते कि वह पैसों का कहां इस्तेमाल करे।“ उसी तरह गर्भवती महिलाओं और दूसरे लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं के पैसे देने की मांग पर भी आदेश देने से सुप्रीम कोर्ट ने मना किया।
याचिकाकर्ता मास्क और सैनिटाइजर से जीएसटी हटाने की मांग कर रहे थे। आज सुप्रीम कोर्ट में लगे ज्यादातर मामले कोरोना और लॉकडाउन से जुड़े हुए थे। सब पर कोर्ट का यही रवैया था कि सरकार हालात के हिसाब से उचित फैसले ले रही है अदालत गैरजरूरी आदेश पारित करके मामले को और नहीं उलझाना चाहते।लॉकडाउन के दौरान चिड़ियाघर के जानवरों को सही मांस न मिल पाने, उनकी देखभाल न हो पाने पर भी एक याचिका सुनवाई शिकायत पर कोई आदेश देने से SC ने मना किया। कहा- अभी इंसान भी दिक्कत में हैं। सरकार हालात के मुताबिक कदम उठा रही है। राज्यों को सीधे मेडिकल उपकरण खरीदने से रोकने वाले केंद्र के आदेश में दखल देने से सुप्रीम कोर्ट ने मना कर दिया। कोर्ट ने कहा- “कोरोना की समस्या सिर्फ एक राज्य तक सीमित नहीं है। क्या होगा अगर एक ही राज्य सारे PPE किट खरीद ले? बेहतर है, केंद्र सरकार को हालात के मुताबिक निर्णय लेने दिया जाए।“
लॉकडाउन में खाली बैठे मज़दूरों को आमदनी देने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने कोई आदेश देने से मना कर दिया। कोर्ट का कहना था, “ऐसी कई बातें ऐसी हैं, जो सुनने में सही लग सकती हैं। लेकिन मौजूदा हालात में सरकार बेहतर समझती है कि संसाधन का कैसे सही इस्तेमाल हो। हम सरकार को ऐसा कोई आदेश नहीं देना चाहते कि वह पैसों का कहां इस्तेमाल करे।“ उसी तरह गर्भवती महिलाओं और दूसरे लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं के पैसे देने की मांग पर भी आदेश देने से सुप्रीम कोर्ट ने मना किया।