Palghar Mob Lynching: साधुओं से पहले कैसे रेलवेकर्मी भीड़ का शिकार होते होते बचे थे ?
ABP News Bureau | 22 Apr 2020 09:10 PM (IST)
मुंबई के पास सटे पालघर में 3 रेल कर्मचारी भीड की हिंसा का शिकार होते होते बचे। ये घटना 16 अप्रैल को इसी जिले के गडचिंचली गांव में 2 साधुओं समेत 3 लोगों की हत्या की वारदात के एक दिन पहली की है। गडचिंचली गांव वाली घटना की तरह ही इस मामले में भी हिंसक भीड़ अफवाह से प्रभावित थी। मिली जानकारी के मुताबिक 15 अप्रैल की रात को 3 रेल कर्मचारी डहाणू के पास अपने सहकर्मियों को रिलीव करने के लिये एक कार में जा रहे थे। जब उनकी कार घोलवड थाना क्षेत्र के वाकी गांव के पास पहुंची तो लोगों की हिंसक भीड ने उन्हें घेर लिया। ये भीड़ इस अफवाह की वजह से सड़क पर से गुजरने वाले हर वाहन को रूका रही थी कि इलाके में चोर और लुटेरे घूम रहे हैं। इन तीन लोगों को भी चोर होने के शक में गाड़ी से उतार कर उनसे साथ हाथापाई की गई। इस बीच किसी ने पुलिस को इत्तला कर दिया। पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंच कर तीनों को बचा लिया। इस मामले में कोई एफआईआर नहीं दर्ज की गई। देखिए एबीपी न्यूज (West India) संपादक जीतेंद्र दीक्षित की ये रिपोर्ट