क्या सोशल डिस्टेंसिंग 2022 तक जा सकता है? | ABP Uncut
ABP News Bureau | 16 Apr 2020 06:09 PM (IST)
कोरोना का कहर अभी थमता नहीं दिख रहा है. दुनिया भर में 20 लाख से भी ज्यादा लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. करीब 1 लाख 30 हजार लोगों की इससे मौत हो चुकी है और अब भी न तो इस बीमारी का कोई इलाज खोजा जा सका और न ही इससे बचाव का कोई टीका. बचने का सिर्फ एक ही उपाय है और वो है सोशल डिस्टेंसिंग. यानि कि दूरी बनाए रखना. WHO से लेकर अमेरिका, चीन और यूरोप के तमाम देशों के डॉक्टर एक सुर में सिर्फ एक ही बात कह रहे हैं कि कोरोना से बचना है तो सोशल डिस्टेंसिंग को अपनाना पड़ेगा. और यही वजह है कि भारत समेत दुनिया के तमाम देशों ने अपने यहां लॉकडाउन लगा रखा है.
लेकिन आखिर कब तक. कब तक लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग करनी होगी. हॉर्वर्ड टी.एच. चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के रिसर्चर्स ने जर्नल साइंस में एक रिसर्च पब्लिश की है. 14 अप्रैल, 2020 को छपी इस रिसर्च के मुताबिक अगर जल्द ही कोरोना की वैक्सीन नहीं बन पाती है तो फिर अमेरिका में सोशल डिस्टेंसिंग का टाइम 2022 तक जा सकता है और इस दौरान लोगों को घर में रहने का आदेश दिया जा सकता है और स्कूलों को बंद रखा जा सकता है.
लेकिन आखिर कब तक. कब तक लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग करनी होगी. हॉर्वर्ड टी.एच. चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के रिसर्चर्स ने जर्नल साइंस में एक रिसर्च पब्लिश की है. 14 अप्रैल, 2020 को छपी इस रिसर्च के मुताबिक अगर जल्द ही कोरोना की वैक्सीन नहीं बन पाती है तो फिर अमेरिका में सोशल डिस्टेंसिंग का टाइम 2022 तक जा सकता है और इस दौरान लोगों को घर में रहने का आदेश दिया जा सकता है और स्कूलों को बंद रखा जा सकता है.