नागरिकता कानून पर बवाल, छात्र बने ढाल? | Seedha Sawal
ABP News Bureau | 16 Dec 2019 06:52 PM (IST)

दिल्ली ही नहीं बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में नागरिकता बिल को लेकर ज़बरदस्त उबाल है. ऐसे में ख़ुद प्रधानमंत्री को आज लोगों से शांति की अपील करनी पड़ी. प्रधानमंत्री को कहना पड़ा कि नागरिकता क़ानून ज़ुल्म के शिकार लोगों को नागरिकता देने का क़ानून है. लेने का नहीं. वैसे ये बात हर किसी को मालूम है लेकिन इसके बावजूद आख़िर हिंसा क्यों. कल आपने देखा होगा कि किस तरह दिल्ली की जामिया यूनिवर्सिटी के नज़दीक बसों को जलाया गया. फिर उसके बाद हिंसक लोगों पर कार्रवाई के नाम पर पुलिस जामिया यूनिवर्सिटी के भीतर घुस गई. आरोप है कि पुलिस इस दौरान छात्रों के साथ बर्बरता से पेश आई. आख़िर इंसानियत के नाम पर हो रहे प्रदर्शन में हिंसा कहां से आ गई. क्या छात्र सियासत की ढाल बन गए हैं?