जेल, इस्तीफा...Gyanesh Kumar पर होगा एक्शन?

क्या SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के भीतर ही मतभेद हैं? क्या इस प्रक्रिया पर चुनाव आयोग की टीम बंटी हुई थी? इन सवालों ने देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है. इसकी वजह एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट है, जिसमें दावा किया गया है कि चुनाव आयोग ने पिछले 10 महीनों में कई ऐसे फैसले लिए, जिन पर चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी सहमत नहीं थे. रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों ने एसआईआर से जुड़े कई बदलावों पर आपत्ति जताई थी. दावा किया गया है कि उन्होंने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार अपनी असहमति दर्ज कराई, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. दरअसल, चुनाव आयोग मुख्य चुनाव आयुक्त और दो चुनाव आयुक्तों का संयुक्त निकाय होता है. ऐसे में यदि यह दावा सही है कि दोनों चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया, तो सवाल उठता है कि क्या अहम फैसले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के स्तर पर ही लिए जा रहे थे..