अनाथालय की जमीन पर कर लिया कब्जा, अब मौज उड़ा रहा परिवार | Pradesh
ABP Ganga | 17 Nov 2020 11:21 PM (IST)
बेऔलाद होना अभिशाप नहीं है. इसे सिर्फ नीयति ही माना जा सकता है क्योंकि साइंस ने इतनी तरक्की तो कर ही ली है कि इस कुंठा से बाहर निकला जा सके लेकिन जरा उनकी सोचिए जिन औलादों के मां-बाप नहीं होते, जो अनाथ होते हैं. जिनके ऊपर नस्ल बिगड़ने का खतरा होता है. ऐसे लोगों की भलाई के लिए एक चेहरा ओढ़कर, उसकी आड़ में अगर अपने मतलब ही पूरे किए जाने लगे तो फिर अनाथों का ठिकाना कहां होगा. मामला बस्ती का है. जहां अनाथालय की जमीन पर लालच ने डेरा डाल लिया है. नतीजा जहां बच्चों की फौज होनी चाहिए थी. वहां अब परिवार की मौज चल रही है.