आखिर क्यों कहना पड़ रहा है...बचेंगे तो फिर मिलेंगे ! | Unnao | Mudde Ki Baat
ABP Ganga | 09 Jan 2021 12:42 AM (IST)
मुद्दे की बात में देखिए, उस पुल की दास्तां, जो पिछले 10 साल से अपने पूरे होने की राह देख रहा है और गांव वालों ने अस्थाई तौर पर लकड़ी का पुल बना दिया है और लोग उसपर से गुजरने को मजबूर हैं. मुद्दे की बात ये है कि इन 10 साल में 2 बार विधानसभा और 2 बार लोकसभा के चुनाव हो चुके हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों को इस पुल से कोई लेना देना नहीं है, इसलिए ही हमको कहना पड़ रहा है. बचेंगे तो फिर मिलेंगे !