इमरान की पारी का 'लास्ट ओवर'? 3 अप्रैल को 'कैप्टन' का फाइनल 'टेस्ट'! | India Chahta Hai
ABP News Bureau | 29 Mar 2022 10:11 PM (IST)

वैसे इंडिया लोकतंत्र का स्वागत करता है. हमारे यहां चुनाव होता है. जो जीतता है, वो सरकार बनाता है, जो हारता है वो विपक्ष की भूमिका का निर्वाह करता है. लेकिन हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान में लोकतंत्र आज भी सेना की बैसाखियों पर टिका है. इसका सबूत पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की डगमगाती कुर्सी है. गो नियाजी गो का नारा पाकिस्तान में विपक्ष भले लगा रहा है लेकिन लगता है कि इसकी स्क्रिप्ट सेना ने ही लिखी है. अब इमरान खान नियाजी के पास अपनी कुर्सी बचाने या गंवाने के लिए सिर्फ छह दिन बचे हैं.