किसान आंदोलन की राजनीतिक फसल कौन काटेगा? Rakesh Tikait ने दी सरकार को धमकी | Hunkaar
ABP News Bureau | 26 Jul 2021 06:25 PM (IST)

लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाने का, बोलने का , फरियाद रखने का हक तो हर किसी के पास है, लेकिन इसके लिए धमकी देने का अधिकार क्या लोकतंत्र किसी को देता है क्या.. क्या हमारा संविधान कहता है कि अगर तुम्हारी बात कोई नहीं सुने तो शहर को घेरने की , संसद में ट्रैक्टर लेकर घुसने की बात करना .. कहना .. देखो जी मेरी बात मान लो, संसद का कानून बदल तो .. नहीं तो मैं संसद में ट्रैक्टर लेकर आ जाऊंगा.. मैं लखनऊ को घेर लूंगा.. शहर को बंदी बना लूंगा.. किसान कानून संसद से पास हुआ है.. संसद से .. लोकतंत्र के मंदिर से.. और उसे नकारने के लिए हद हो रही है.. और आज अपने इस शो में मैं इसी पर सवाल उठाने वाली हूं..