इन पांच अंगों से मिलकर बनता है पंचांग, जानें महत्व| Samay Chakra
nancyb | 23 Jul 2019 02:50 PM (IST)
तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण इन पांच अंगों से मिलकर पंचांग बनता है। जो पंचांग को नित्य सुनते हैं, उन्हें पाप स्पर्श नहीं करता। पंचांग के फल को सुनने से गंगा स्नान का फल प्राप्त होता है। भगवान श्रीराम भी पंचांग का श्रवण करते थे। पंचांग को नित्य पढ़ने और सुनने से देवताओं की कृपा मिलती है। ग्रहों के शुभ फल पाने के लिए नित्य पंचांग सुनना चाहिए।