प्राणायाम के क्या है फायदे। ABP Ganga
manishn | 21 Sep 2019 09:18 AM (IST)

अनुलोम-विलोम, नाड़ीशोधन, प्राणायाम, पूरक, रेचक, कुम्भक, आसन तथा वज्रासन से भी स्वर-परिवर्तन हो जाता है। स्वर-परिवर्तन में मुंह बन्द रखना चाहिये। नासिका से स्वर-साधन करें। नियमित रूप से प्राणायाम करना चाहिए इससे स्वर सही चलते हैं और व्यक्ति स्वस्थ रहते हुए दीर्घायु होता है।