Online Class के साइड इफेक्ट, शिक्षा के नाम पर कौन फैला रहा अश्लीलता? |Rajneeti With Rajendra Dev
ABP Ganga | 03 Sep 2020 11:33 PM (IST)
कोरोना काल में जो तमाम चीजें बदली उनमें से एक है पढ़ाने और पढ़ने का तरीका. चूंकि कक्षाएं हो नहीं सकती थीं, इसलिए एक नया तरीका इजाद किया गया पढ़ाने का और वो था ऑनलाइन क्लासेज का. पिछले कुछ महीनों में इस माध्यम से पढ़ाई कराने पर बहुत सारी बातें सामने आई . बड़े मशविरे दिए गए, खूब समीक्षा हुई और आज भी हो रही है, लेकिन कुछ मामले ऐसे होते हैं जिनको समझने के लिए बड़ी मीमांसा की जरूरत होती है. बागपत से भी ऐसा ही मामला सामने आया है. वहां एक कस्बे में ऑनलाइन क्लास के नाम पर पब्लिक स्कूल के छात्रों का एक फर्जी व्हाट्सऐप ग्रुप सामने आ गया और उस पर अश्लील कंटेंट शेयर होने लगे. मामला जैसे ही पब्लिक में आया हड़कंप मच गया, क्योंकि ये बच्चों की पढ़ाई से जुड़ा मामला था. अभिभावक हरकत में आए, स्कूल प्रिंसिपल से संपर्क किया और फिर मामला पुलिस को जांच के लिए सौंप दिया गया. लेकिन ये मामला केवल बागपत के बड़ौत तक ही सीमित नहीं है. दिल्ली में आपको ब्वॉयज लॉकर रूम का कांड याद होगा. कुछ समय पहले लखनऊ में ऑनलाइन क्लास में टीचर्स ने भद्दी टिप्पणियों की शिकायत की थी तो हाल में बागपत में ही एक महिला टीचर ने दो छात्रों को डंडे से पीटा था, इसलिए कि वे छात्र ऑनलाइन क्लास के दौरान अभद्रता कर रहे थे. सवाल अहम है कि ऑनलाइन क्लास की निगरानी कैसे हो? स्कूल प्रशासन की क्या भूमिका हो?