सोशल मीडिया ऐसा प्लेटफार्म बन चुका है, जहां आए दिन कुछ न कुछ वायरल होता रहता है. कई बार तो ऐसी कहानियां सामने आती हैं, जो लोगों का दिल जीत लेते हैं. ऐसी ही एक कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. यह घटना तिरुवनंतपुरम कल्लर गोल्डन वैली फॉरेस्ट चेक-पोस्ट के पास की है, जिसने लोगों का दिल जीत लिया.

Continues below advertisement

यहां फॉरेस्ट स्टाफ की तीन आदिवासी महिलाओं ने बिजली का झटका लगने के बाद बेहोश हुए एक बंदर के बच्चे को CPR देकर उसकी जान बचाई. इसके बाद यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और लोग तीनों आदिवासी महिलाओं की तारीफ के पुल बांध रहे हैं. 

करेंट लगने के बाद हुआ बेहोश 

Continues below advertisement

दरअसल, तिरुवनंतपुरम में दो छोटे बंदर हाई टेंशन पावर लाइन के संपर्क में आ गए. उनमें से एक बंदर पेड़ की टहनी पर गिर गया, जबकि दूसरा बंदर सड़क पर गिर कर बेहोश हो गया और उसके माथे पर भी चोट आई. इसके बाद लोकल फॉरेस्ट स्टाफ की सदस्य आदिवासी महिलाएं तुरंत मौके पर पहुंचीं और बिना देर किए बंदर के बच्‍चे को CPR द‍िया. कुछ ही समय में बंदर के बच्चे को होश आ गया और उसकी जान बच गई. इसके बाद तीनों महिलाओं ने बंदर के बच्चे के शरीर पर लगे घाव का इलाज करने के बाद उसे वापस जंगल में छोड़ दिया. 

सोशल मीडिया पर आई तारीफों की बाढ़

तिरुवनंतपुरम की आदिवासी महिला फॉरेस्ट स्टाफ की यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग और आम लोग तीनों महिलाओं की तारीफ कर रहे हैं और उन्हें साहस का प्रतीक बता रहे हैं. यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद फॉरेस्ट स्टाफ में से एक ने कहा कि जंगल के जानवरों से हमें कई बार नुकसान हुआ है, लेकिन हम कभी भी इन छोटे प्राणियों से मुंह नहीं मोड़ते. हम हमेशा जंगल और इसके जीवों के साथ रहते हैं. वहीं इस घटना का वीड‍ियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एक यूजर लिखता है कि 100% डेडि‍केशन काफी नहीं है इसलिए मह‍िलाओं ने 200% द‍िया. वहीं एक यूजर ने कहा क‍ि जिस पल मां बंदर ने बच्चे को उठाया, वह बहुत अच्छा लगा. एक और यूजर ने कहा क‍ि आदिवासी लोग नेचर के करीब होते हैं, वे जानते हैं कि इसे कैसे बचाना है. एक यूजर ने तो फॉरेस्‍ट स्‍टाफ की महिलाओं को लाइफटाइम हीरोइन्स का टैग भी दे दिया. 

ये भी पढ़ें-रोनाल्डो और बुमराह का कॉम्बो है ये बच्चा! बॉलिंग देखकर चौंक जाएंगे आप- वायरल हो रहा वीडियो