रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक ऐसी कहानी सामने आई है जिसने सोशल मीडिया से लेकर आम लोगों तक को हैरान कर दिया है. दावा किया जा रहा है कि कुछ महिलाएं सैनिकों से सिर्फ इसलिए शादी कर रही हैं ताकि युद्ध में उनकी मौत के बाद मिलने वाला भारी-भरकम मुआवजा हासिल कर सकें. इन महिलाओं को सोशल मीडिया पर "ब्लैक विडोज" कहा जा रहा है.

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मौत के बाद मिलता है लाखों का मुआवजा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, युद्ध में मारे गए रूसी सैनिकों के परिवार को सरकार की तरफ से लाखों रूबल का मुआवजा दिया जाता है. भारतीय रुपये में इसकी कीमत कई लाख से लेकर करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है. सरकार का मकसद सैनिकों के परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देना है, लेकिन अब इसी व्यवस्था के गलत इस्तेमाल के आरोप लग रहे हैं.

दो दिन पहले हुई शादी, फिर पति चला गया युद्ध में

एक महिला मारिया ने दावा किया कि उसके पिता ने चुपचाप सेना जॉइन कर ली थी. इतना ही नहीं, उन्होंने अपने से काफी छोटी उम्र की महिला से शादी भी कर ली. हैरानी की बात यह रही कि शादी के सिर्फ दो दिन बाद ही वह युद्ध क्षेत्र में भेज दिए गए, जहां उनकी मौत हो गई. इसके बाद उनकी नई पत्नी को मुआवजे का पैसा मिला. मारिया का कहना है कि उसे शुरू से ही इस पूरे मामले पर शक था.

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सोशल मीडिया पर खुलकर हो रही चर्चा

रूस में "ब्लैक विडो" शब्द कोई नया नहीं है. सोशल मीडिया पर लोग लंबे समय से इस बारे में चर्चा करते रहे हैं. कई लोग आरोप लगाते हैं कि कुछ महिलाएं आर्थिक फायदे के लिए ऐसे सैनिकों को निशाना बनाती हैं जो अकेले हों या मुश्किल हालात में हों.

रियल एस्टेट एजेंट के बयान से मचा था बवाल

इस मुद्दे ने तब और तूल पकड़ लिया जब एक रियल एस्टेट एजेंट का वीडियो वायरल हो गया. वीडियो में वह कथित तौर पर मजाकिया अंदाज में कहती दिखाई दी कि सैनिक से शादी करो और अगर वह युद्ध में मारा जाता है तो मिलने वाले मुआवजे से घर खरीद लो. यह बयान वायरल होते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा.

अधिकारियों ने की कार्रवाई

विवाद बढ़ने के बाद रूसी अधिकारियों ने एजेंट के खिलाफ कार्रवाई की. उसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी और कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ा. कई लोगों ने कहा कि सैनिकों की कुर्बानी को पैसों से जोड़कर देखना बेहद शर्मनाक है.

सैनिकों की मिलीभगत के भी आरोप

कुछ मामलों में यह भी आरोप लगे कि सेना के कुछ लोग ऐसे कथित नेटवर्क का हिस्सा थे. जांच एजेंसियों को शक है कि कमजोर और अकेले लोगों को शादी के लिए तैयार किया जाता था और फिर उन्हें युद्ध के सबसे खतरनाक इलाकों में भेजा जाता था ताकि मौत के बाद मिलने वाले मुआवजे का फायदा उठाया जा सके.

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सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा

इस कहानी के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है. कुछ लोग इसे युद्ध की सबसे दुखद सच्चाइयों में से एक बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि ऐसे मामलों की पूरी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. कई यूजर्स ने लिखा कि अगर ये आरोप सच हैं तो यह सिर्फ धोखाधड़ी नहीं बल्कि इंसानियत को शर्मसार करने वाली बात है.

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