War Impact On Under Sea Cable: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण LPG सप्लाई ठप्प हो गई है. अब ऐसा ही डर इंटरनेट को लेकर लगाया जा रहा है. दरअसल, युद्ध के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में समुद्र के नीचे से आ रहीं इंटरनेट केबल को नुकसान पहुंचाए जाने का डर सता रहा है. अगर ऐसा होता है तो भारत समेत कई देशों में इंटरनेट कनेक्टिविटी ठप्प हो सकती है. आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.

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समुद्र में बिछा है ऑप्टिकल फाइबर केबल का जाल

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और लाल सागर में ऑप्टिकल फाइबर केबल का जाल बिछा हुआ है. इन्हीं केबल के जरिए ज्यादातर देशों का इंटरनेट संचालित होता है. इन इलाकों से निकलने वाली केबल से एशिया, यूरोप और अफ्रीका के देशों में इंटरनेट कनेक्टिविटी मिलती है. होर्मुज स्ट्रेट की बात करें तो यहां टाटा TGN गल्‍फ, गल्फ ब्रिज इंटरनेशनल केबल सिस्टम, FALCON और AAE-1 समेत बड़ी कंपनियों का केबल सिस्टम है. इसी के जरिए बड़ी कंपनियों के डेटा सेंटर को इंटरनेट कनेक्टिविटी दी जाती है.

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जरूरी रास्ते हुए ब्लॉक

ईरान ने युद्ध रोकने का दबाव बनाने के लिए होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक कर दिया है. अब इस रास्ते से समुद्री ट्रैफिक लगभग पूरी तरह बंद है. यहां से जहाजें नहीं गुजर रही हैं. ऐसी भी रिपोर्ट्स हैं कि ईरान ने इस रास्ते पर सी माइन्स बिछा रखी हैं, जिससे खतरा और बढ़ गया है. इसके अलावा लाल सागर में बाब अल-मंडेब का रास्ता भी इन दिनों सुरक्षित नहीं रहा है.

युद्ध से केबल को क्या खतरा?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, युद्ध के बीच होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाली इंटरनेट केबल को निशाना बनाया जा सकता है. अगर इन केबल को हल्का नुकसान भी पहुंचता है तो इन्हें ठीक करने में लंबा समय लग सकता है. दरअसल, अभी इस इलाके में जहाजें नहीं जा सकतीं. ऐसे में अगर केबल डैमेज होती हैं तो उनकी मरम्मत के लिए युद्ध के थमने का इंतजार करना पड़ सकता है.

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