सुबह उठते ही पानी पीने से लेकर चाय बनाने और खाना पकाने तक, घर में कई कामों के लिए वॉटर प्यूरीफायर से निकलने वाले पानी का इस्तेमाल होता है. ऐसे में ज्यादातर लोग इस बात पर ध्यान देते हैं कि उनका प्यूरीफायर ठीक से चल रहा है या नहीं, लेकिन उसके अंदर लगे फिल्टर की हालत पर नजर रखना भूल जाते हैं. 

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पानी में मौजूद मिट्टी और जंग के बारीक कण को रोकते-रोकते फिल्टर की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है. इसकी वजह से पानी का टेस्ट बदल सकता है, उसकी सप्लाई धीमी हो सकती है और सफाई की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है. अगर समय रहते फिल्टर नहीं बदला जाए, तो प्यूरीफायर के दूसरे हिस्सों पर भी दबाव बढ़ सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि वॉटर प्यूरीफायर का फिल्टर कब बदलना चाहिए और किन संकेतों पर ध्यान दें. 

वॉटर प्यूरीफायर का फिल्टर कब बदलना चाहिए?

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फिल्टर की उम्र, उसके टाइप और पानी की क्वालिटी के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है. सामान्य तौर पर सेडिमेंट फिल्टर को 3 से 6 महीने, कार्बन फिल्टर को 6 से 12 महीने, RO मेम्ब्रेन को 12 से 24 महीने और UF फिल्टर को लगभग 12 महीने में बदलने की जरूरत पड़ सकती है. कुछ RO मेम्ब्रेन इससे ज्यादा समय तक भी चल सकते हैं. सही समय जानने के लिए अपने प्यूरीफायर के मैनुअल और सर्विस संबंधी निर्देशों को प्राथमिकता दें. फिल्टर बदलने के बाद सिस्टम को निर्माता के निर्देशों के अनुसार फ्लश करना और कनेक्शन में लीकेज की जांच करना भी जरूरी है. 

वॉटर प्यूरीफायर का फिल्टर बदलने के संकेत 1. पानी का टेस्ट या स्मेल बदलना -  अगर पानी का टेस्ट नमकीन, धातु जैसा या मिट्टी जैसा हो जाए या उसमें अजीब स्मेल आने लगे, तो कार्बन फिल्टर की जांच कराएं. लंबे समय तक इस्तेमाल से इसकी गंदगी सोखने की क्षमता कम हो सकती है.

 2. पानी धीरे निकलना - अगर प्यूरीफायर से गिलास भरने में पहले से ज्यादा समय लग रहा है, तो सेडिमेंट या कार्बन फिल्टर में गंदगी जमा होने से पानी का बहाव कम हो सकता है. ऐसी स्थिति में फिल्टर और मशीन की जांच जरूरी है. 

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3. पानी का धुंधला दिखना - पानी में छोटे कण दिखाई देना या उसका रंग धुंधला होना फिल्टर की कार्यक्षमता प्रभावित होने का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में पानी का इस्तेमाल करने से बचें और प्यूरीफायर की जांच कराएं. 

4. पानी का TDS बढ़ना - अगर RO से साफ किए गए पानी का TDS पहले से बढ़ रहा है, तो RO मेम्ब्रेन या फिल्ट्रेशन सिस्टम की जांच करानी चाहिए. TDS मीटर पानी में मौजूद सभी तरह की गंदगी का पता नहीं लगा सकता है. 

5. फिल्टर बदलने का अलर्ट मिलना - कई मॉर्डन प्यूरीफायर में फिल्टर बदलने के लिए इंडिकेटर लाइट या सर्विस अलर्ट मिलता है. ऐसा संकेत मिलने पर निर्माता के निर्देशों के अनुसार फिल्टर की जांच और जरूरत पड़ने पर उसे बदलवाएं. 

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