माइक्रोवेव में खाना गर्म करने का तरीका गैस चूल्हे या सामान्य हीटर से अलग होता है. इसमें कोई गर्म प्लेट खाने को नहीं पकाती, बल्कि एक खास डिवाइस बिजली से माइक्रोवेव तरंगें बनाता है. इन तरंगों का असर खाने में मौजूद पानी पर पड़ता है, जिससे खाना गर्म होने लगता है. खास बात यह है कि आज रसोई में यूज होने वाली इस तकनीक का संबंध रडार सिस्टम से भी है. तो आइए जानते हैं कि माइक्रोवेव में लगा यह छोटा-सा पार्ट कैसे काम करता है और इसकी मदद से खाना जल्दी गर्म कैसे हो जाता है.

Continues below advertisement

माइक्रोवेव में लगा यह छोटा-सा पार्ट कैसे काम करता है?

माइक्रोवेव में खाना गर्म करने का काम मैग्नेट्रॉन (Magnetron) नाम का एक खास पार्ट करता है. यह बिजली को माइक्रोवेव तरंगों में बदलता है. इसके अंदर इलेक्ट्रॉन और चुंबक की मदद से ये तरंगें बनती हैं.मैग्नेट्रॉन का यूज सिर्फ माइक्रोवेव ओवन में ही नहीं, बल्कि रडार और कई औद्योगिक मशीनों में भी किया जाता है. इस तकनीक को सबसे पहले रडार सिस्टम में यूज करने के लिए विकसित किया गया था.

Continues below advertisement

बिजली से माइक्रोवेव तरंगें कैसे बनती हैं?

मैग्नेट्रॉन के अंदर एक कैथोड और उसके चारों ओर छेद वाली धातु की संरचना होती है, जिसे एनोड कहा जाता है. कैथोड को गर्म करने पर उससे इलेक्ट्रॉन निकलने लगते हैं. जब कैथोड और एनोड के बीच ज्यादा वोल्टेज दिया जाता है, तो इलेक्ट्रॉन एनोड की तरफ बढ़ने लगते हैं. इस दौरान चुंबक का असर उनके रास्ते को मोड़ देता है, जिससे वे सीधे जाने की जगह गोल-गोल घूमने लगते हैं. एनोड में बनी खास छोटी जगहें, जिन्हें कैविटी कहा जाता है, इस हलचल से माइक्रोवेव तरंगें बनाने में मदद करती हैं. 

यह भी पढ़ें -WhatsApp चैटिंग में ऑटोमेशन की एंट्री, मैसेज और मीडिया होंगे शेड्यूल

इसकी मदद से खाना जल्दी गर्म कैसे होता है?

माइक्रोवेव ओवन के अंदर पहुंचने वाली तरंगें खाने तक पहुंचती हैं. ये तरंगें खाने में मौजूद पानी के छोटे-छोटे कण पर असर डालती हैं. कण लगातार अपनी दिशा बदलने लगते हैं. इस प्रक्रिया में एनर्जी पैदा होती है, जिससे खाना गर्म होने लगता है.  इसी वजह से माइक्रोवेव में खाना कम समय में गर्म हो जाता है, हालांकि खाने के हर हिस्से में गर्मी एक जैसी नहीं पहुंचती है. खाना कितना है, उसकी बनावट कैसी है और उसमें पानी कितना है, इन बातों पर निर्भर करता है कि कौन-सा हिस्सा ज्यादा गर्म होगा और कौन-सा कम गर्म होगा. 

माइक्रोवेव का यूज करते समय सावधानी क्यों जरूरी है?

माइक्रोवेव ओवन की अंदर की दीवारें तरंगों को बाहर निकलने से रोकती हैं. इसके दरवाजे में भी खास इंतजाम होता है, जिससे तरंगें बाहर न आएं. दरवाजा खोलते ही सुरक्षा स्विच मैग्नेट्रॉन को बंद कर देते हैं. इसके अंदर बिजली का वोल्टेज बहुत ज्यादा हो सकता है, ऐसे में ओवन खराब होने पर उसे खुद खोलने या ठीक करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. इसकी मरम्मत किसी प्रशिक्षित तकनीशियन से ही करवानी चाहिए. 

यह भी पढ़ें -सर्दियों में गीजर चलाते समय न करें ये गलतियां, बिजली बिल पर पड़ सकता है असर