दुनिया भर में आज के वक्त में हर तरह की जरूरी-गैरजरूरी बातचीत के लिए लोगों के बीच WhatsApp का इस्तेमाल होता है. अकेले भारत में ही WhatsApp के 50 करोड़ से ज्यादा उपयोगकर्ता हैं. ऑफिस के ग्रुप से लेकर फैमिली चैट तक सब इसी के जरिए होती हैं. लेकिन अब नए साल की शुरुआत के साथ ही आपके फोन में WhatsApp चलाने का अंदाज पूरी तरह से बदलने वाला है.
दूरसंचार विभाग यानी DoT ने साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए सिम बाइंडिंग से जुड़े कुछ बहुत ही कड़े नियम लागू करने की तैयारी कर ली है. यह नए नियम एक जनवरी से देश भर में लागू हो जाएंगे जिनका सीधा असर करोड़ों WhatsApp यूजर्स पर पड़ने वाला है. अभी तक हम जिस आसानी से बिना सिम कार्ड के भी अपने फोन में WhatsApp और दूसरे चैटिंग ऐप्स चला लेते थे. अब वह सुविधा बंद होने जा रही है जानें पूरी खबर.
क्या है सिम बाइंडिंग का यह नया नियम?
कई लोगों के मन में सवाल आ रहा होगा कि आखिर सिम बाइंडिंग क्या चीज है? तो आपको बताते हैं यह कैसे काम करता है. आपने देखा होगा कि जब आप अपने Phone में कोई UPI ऐप या Banking ऐप डाउनलोड करते हैं. तो वह तभी काम करता है जब आपके फोन के अंदर वही रजिस्टर्ड सिम कार्ड मौजूद हो. अगर आप Phone से सिम निकाल देते हैं. तो बैंकिंग ऐप्स तुरंत काम करना बंद कर देते हैं.
ठीक यही सिस्टम अब WhatsApp और Telegram जैसे मैसेजिंग ऐप्स पर भी लागू होने जा रहा है. अभी तक लोग एक बार OTP डालकर WhatsApp लॉग इन कर लेते थे और उसके बाद फोन से सिम कार्ड निकालकर किसी दूसरे फोन में डाल लेते थे. इसके बाद भी पुराने फोन में Wi-Fi के जरिए WhatsAppचलता रहता था. लेकिन एक जनवरी से नए नियम आने के बाद आपके फोन में वही सिम कार्ड होना जरूरी होगा जिस नंबर से आपका WhatsApp अकाउंट बना हुआ है.
Cyber फ्रॉड और फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम
पिछले कुछ समय में Digital Arrest, फर्जी कस्टमर केयर कॉल और WhatsAppचलता के जरिए होने वाले स्कैम तेजी से बढ़े हैं. ठगी करने वाले लोग अक्सर फर्जी ID पर लिए गए सिम कार्ड से एक बार WhatsApp चलता Activate कर लेते हैं और फिर उस सिम को तोड़कर फेंक देते हैं. इसके बाद वे विदेश में बैठकर भी Wi-Fi के सहारे भारतीय नंबर वाले WhatsAppचलता से लोगों को अपना शिकार बनाते रहते हैं.
पुलिस और जांच एजेंसियों के लिए ऐसे नंबरों को ट्रैक करना बहुत मुश्किल हो जाता है क्योंकि सिम कार्ड किसी भी मोबाइल टावर के नेटवर्क में एक्टिव ही नहीं होता है. अब सिम बाइंडिंग लागू होने से जैसे ही कोई सिम कार्ड बंद होगा फोन से बाहर निकाला जाएगा. वैसे ही उससे जुड़ा WhatsAppचलता अकाउंट भी तुरंत लॉग आउट हो जाएगा और काम करना बंद कर देगा.
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अब किन बातों का रखना होगा ध्यान?
इस नए बदलाव के बाद यूजर्स को अपने Phone और सिम कार्ड को लेकर थोड़ा ज्यादा अलर्ट रहना होगा. बहुत से लोग ऐसे हैं जो दो Phone रखते हैं जिसमें एक छोटे फोन में सिम कार्ड डालकर रखते हैं और दूसरे बड़े Phone में सिर्फ हॉटस्पॉट से Internet चलाकर WhatsApp यूज करते हैं. एक जनवरी के बाद यह जुगाड़ बिल्कुल काम नहीं करेगा और आपको WhatsAppचलता चलाने के लिए सिम कार्ड को उसी स्मार्टफोन में डालना पड़ेगा.
इसके अलावा जो लोग अपने पुराने और बंद हो चुके मोबाइल नंबर से आज भी WhatsAppचलता चला रहे हैं. उनका अकाउंट भी अपने आप बंद हो जाएगा. इसलिए अगर आपका WhatsAppचलता किसी ऐसे नंबर पर चल रहा है जिसका सिम आपके पास एक्टिव नहीं है. तो समय रहते ऐप की सेटिंग्स में जाकर Change Number फीचर की मदद से अपना चालू नंबर अपडेट कर लें. ऐसा करने से आपके पुराने चैट्स और जरूरी डेटा डिलीट होने से बच जाएंगे.
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