CE: अक्सर स्मार्टफोन, लैपटॉप, चार्जर या दूसरे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पर CE लिखा होता है लेकिन ज्यादातर लोग इसका मतलब नहीं जानते हैं. लेकिन बता दें कि इसके लिखे जाने के पीछे कंपनी का बहुत बड़ा कारण होता है. दरअसल, ये प्रोडक्ट के सेफ्टी से जुड़ा होता है जिसे बिलकुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. आइए जानते हैं कि क्या है इसके पीछे की असली वजह.

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क्या इसका मतलब प्रोडक्ट यूरोप में बना है?

आपको बता दें कि ज्यादातर लोग इस सिंबल को देखते ही मान लेते हैं कि प्रोडक्ट यूरोप में बनाया गया है लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं है. CE का सिर्फ एक मतलब होता है कि ये प्रोडक्ट यूरोपीय नियमों के अनुसार टेस्ट्स और नियमों का पालन करता है और टेस्टिंग प्रोसेस से होकर गुजरा है.

इसी के साथ ही CE मार्क किसी भी प्रोडक्ट की क्वालिटी के बारे में भी नहीं बताता है. इसीलिए ये निशान आपको ज्यादातर प्रोडक्ट्स में देखने को मिल जाएगा चाहे वो महंगा प्रीमियम प्रोडक्ट हो या फिर सस्ता या छोटा प्रोडक्ट.

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क्या होता है CE का मतलब?

जानकारी के मुताबिक, CE एक फ्रेंच भाषा का शब्द है जिसे Conformite Europeenne पढ़ा जाता है. इसका मतलब होता है कि यूरोपीय मानकों के अनुरूप. ये एक आधिकारिक Conformity मार्क है जिसका इस्तेमाल उन प्रोडक्ट्स पर किया जाता है जो यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र (European Economic Area - EEA) में बिक्री के लिए तय किए गए नियमों का पालन करते हैं.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब किसी प्रोडक्ट पर CE मार्क होता है तो इसका मतलब ये है कि वह यूरोपीय संघ द्वारा तय किए नियमों का पूरी तरह से पालन करता है.

कैसे मिलता है ये निशान?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि CE मार्क हासिल करने के लिए निर्माता को पहले ये तय करना पड़ता है कि उसका प्रोडक्ट Self Assessment के जरिए प्रमाणित हो सकता है या फिर किसी संस्था से जांच करानी होगी.

कम जोखिम वाले कई प्रोडक्ट्स का मूल्यांकन निर्माता खुद कर सकता है जबकि मेडिकल डिवाइस, औद्योगिक मशीनों और कुछ अन्य संवेदनशील प्रोडक्ट्स की जांच किसी अधिकृत थर्ड-पार्टी संस्था द्वारा की जाती है. अगर ऐसा होता है तो CE मार्क के साथ चार अंकों का एक नंबर भी दिखाई देता है जो उस प्रमाणित संस्था के बारे में बताता है. इसीलिए अगली बार ये निशान देखकर समझ जाइयेगा कि ये प्रोडक्ट यूरोपीय संघ के नियमों का पालन करता है न कि ये वहां बना हुआ है.

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