Smart Bracelet: आज की इस आधुनिक दुनिया में कई एसी टेक्नोलॉजी आ चुकी हैं जो लोगों के जान बचाने का काम कर ही हैं. ऐसा ही एक मामला रोम से सामने आया है. दरअसल, यहां पर एक ऐसा स्मार्ट ब्रेसलेट को इस्तेमाल में लाया गया है जो लोगों की जान बचाने का काम कर रहा है. ये स्मार्ट डिवाइस लोगों को हीटवेव से होने वाले खतरों से पहले ही संकेत दे देता है जिससे लोग समय रहते ही उपाय ढूंढ सकें. आइए जानते हैं कि कैसे काम करती है ये स्मार्ट ब्रेसलेट.

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हीटवेव से बचाने के लिए डिवाइस का सहारा

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रोम में इन दिनों तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच रहा है जिससे बुजुर्गों को काफी समस्या हो रही है. इसी खतरे को कम करने के लिए वहां के प्रशासन ने एक स्पेशल स्मार्ट ब्रेसलेट का सहारा लेना शुरू कर दिया है. ये डिवाइस जो इसे पहनता है उसकी हेल्थ और एक्टिविटी पर पैनी नजर रखता है. इससे होता ये है कि डिवाइस को किसी भी असामान्य एक्टिविटी का पता लगते ही ये अलर्ट दे देता है. बता दें कि इस योजना के लिए यूरोपीय संघ के कोविड रिकवरी फंड के तहत करीब 400 मिलियन यूरो का बजट तय किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना का लाभ करीब वहां के 700 बुजुर्गों तक पहुंच चुका है.

कैसे काम करता है ये डिवाइस

आपको बता दें कि ये डिवाइस काले रंग का है. साथ ही ये कई सारे सेंसरों से लैस है. रिपोर्ट के अनुसार, इसमें मोशन सेंसर लगे हुए हैं जो ये पहचान सकता है कि पहनने वाला व्यक्ति अचानक गिर गया है या नहीं. इसके अलावा ये पूरे दिन व्यक्ति की एक्टिविटी को रिकॉर्ड करता रहता है.

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इसके साथ ही इस डिवाइस में एक्सेलेरोमीटर और जाइरोस्कोप जैसे सेंसर भी मौजूद हैं जो शरीर में होने वाले छोटे-मोटे एक्टिविटी पर नजर रखता है. इसमें मौजूद ऑप्टिकल हार्ट रेट सेंसर लगातार दिल की धड़कन पर नजर रखता है.

बता दें कि इस टेक्नोलॉजी की सबसे बड़ी खास बात ये है कि ये केवल एक पहनने वाला डिवाइस ही नहीं है बल्कि ये डिवाइस आस-पास मौजूद फार्मेसी में उपलब्ध कंट्रोल सेंटर तक व्यक्ति का डेटा भी पहुंचाता है. इसी डेटा के जरिए कंट्रोल सेंटर में मौजूद कर्मचारी हर व्यक्ति की एक्टिविटी पर नजर रखता है और किसी भी आपातकाल स्थिति में तुरंत मेडिकल सर्विस उपलब्ध कराई जाती है.

फोन करके ली जाती है खबर

इतना ही नहीं, इस डिवाइस के साथ-साथ वहां की प्रशासन डेली बुजुर्गों को फोन करके उनकी सेहत की खबर लेते रहते हैं. बता दें कि बातचीत के दौरान उन्होंने समय पर दवाई ली या नहीं, गर्मी से बचाव कर रहे हैं या नहीं जैसी चीजें बुजुर्गों से पूछी जाती हैं.

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