Smartphone Prices: पिछले कुछ महीनों से स्मार्टफोन खरीदना मुश्किल हो गया है. अब मोबाइल की कीमतें ग्राहकों की जेब को जोर का झटका दे रही हैं. नए लॉन्च होने वाले फोन भी अब महंगे हो गए हैं और कुछ समय पहले लॉन्च हुए फोन भी महंगे होते जा रहे हैं. इससे ग्राहकों पर दोहरी मार पड़ रही है. अगर जानकारों की माने तो जल्द ही इससे राहत मिलने वाली नहीं है. ग्राहकों को अभी अगले महीनों तक दामों में इस बढ़ोतरी की मार को झेलना होगा. आइए जानते हैं कि मोबाइल की कीमतें कितनी बढ़ गई हैं और इसके पीछे क्या कारण हैं.

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इतने महंगे हो चुके हैं फोन

पिछले कुछ दिनों में लॉन्च होने वाले मोबाइल अपनी प्रीवियस जनरेशन के मुकाबले ज्यादा कीमत पर लॉन्च हुए हैं और इनके दामों में 15,000 रुपये तक का इजाफा दर्ज किया गया है. यह ट्रेंड हर कंपनी और प्राइस सेगमेंट में देखा जा रहा है. यानी सस्ते मोबाइल भी महंगे हो रहे हैं और प्रीमियम मॉडल्स की ज्यादा कीमत पर लॉन्च हो रहे हैं.

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लॉन्च होने के बाद भी महंगे हो रहे हैं मोबाइल

नए मोबाइल के साथ-साथ 2-3 महीने पहले लॉन्च हुए फोन के दाम भी बढ़ाए जा रहे हैं. इनकी कीमतों में 2000-3500 रुपये की तक की बढोतरी दर्ज की गई है. स्मार्टफोन मार्केट में ऐसा बहुत कम होता है, जब लॉन्चिंग के बाद किसी मॉडल के दाम बढ़ाए जाएं, लेकिन अब यह ट्रेंड बनता जा रहा है. वनप्लस, सैमसंग, वीवो और नथिंग जैसी कंपनियां लॉन्चिंग के बाद अपने मॉडल्स के प्राइस रिवाइज कर रही हैं.

लॉन्चिंग के बाद महंगे हुए ये फोन

OnePlus 15R को पिछले साल दिसंबर में 47,999 रुपये में लॉन्च किया गया था, लेकिन अभी यह कंपनी के ऑफिशियल स्टोर पर 50,499 रुपये में लिस्टेड है. इसी तरह OnePlus Pad Go 2 की कीमत भी 26,999 से बढ़कर 27,999 रुपये हो गई है. सैमसंग की बात करें तो कंपनी ने Galaxy M36 5G की कीमत में करीब 2,500 रुपये का इजाफा किया है. इसी तरह Galaxy M06, Galaxy F06 और Galaxy M17 5G के प्राइस रिवाइज हुए हैं. इसी साल फरवरी में वीवो ने Vivo V70 को  45,999 रुपये में लॉन्च किया था, लेकिन अभी यह 49,999 रुपये में बिक रहा है.

मेमोरी चिप्स की कमी ने बिगाड़ा खेल

फोन महंगे होने के पीछे सबसे बड़ा कारण मेमोरी चिप्स की कमी को माना जा रहा है. दरअसल, पिछले कुछ समय से मेमोरी चिप्स बनाने वाली कंपनियों कंज्यूमर मार्केट की जगह एआई डेटा सेंटर को चिप सप्लाई करने लगी हैं. इससे स्मार्टफोन जैसे डिवाइसेस के लिए चिप की कमी हो गई है और इनके दाम आसमान छूने लगे हैं. इसके अलावा दूसरे कंपोनेंट की लागत बढ़ने और सप्लाई चैन पर दबाव का असर भी एक बड़ी वजह है.

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