WhatsApp New Rule:व्हाट्सऐप देश में एक चर्चित मैसेजिंग प्लेटफॉर्म बन चुका है. लोग इस प्लेटफॉर्म का मैसेज भेजने से लेकर वीडियो कॉल करने तक के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. बता दें कि मेटा अपने यूजर्स के एक्सपीरिएंस को बेहतर करने के लिए लगातार नए फीचर्स जोड़ता रहता है.
इसी कड़ी में बता दें कि देश में कुछ WhatsApp यूजर्स के सामने हाल ही में एक नया मैसेज दिखाई दिया है जिसमें उनसे अपनी जन्मतिथि (Date of Birth) दर्ज करने के लिए कहा जा रहा है. इसके बाद से ही चर्चा तेज हो गई है कि व्हाट्सऐप भी अब उम्र को लेकर नया नियम लाने वाला है. हालांकि, अभी तक इस बारे में WhatsApp की ओर से कोई ऑफिशियल घोषणा नहीं की गई है.
उम्र की जानकारी लेने का क्या मकसद है
WhatsApp का कहना है कि उम्र से जुड़ी जानकारी कई कारणों से काम करती है. इससे कंपनी अलग-अलग देशों के कानूनों का पालन कर पाती है और यूजर्स को उनकी उम्र के अनुसार एक्सपीरिएंस उपलब्ध कराने की कोशिश करती है.
क्या आपकी जन्मतिथि दूसरे लोगों को दिखाई देगी
आपको बता दें कि अगर आप सोच रहे हैं कि जन्मतिथि ऐड करने के बाद आपके कॉनटेक्ट्स को आपकी उम्र दिखाई देगी तो ऐसा नहीं है. WhatsApp ने साफ कर दिया है कि यूजर द्वारा दर्ज की गई उम्र या जन्मतिथि पब्लिक नहीं की जाती है और इसे दूसरे लोग नहीं देख सकते.
जब कोई यूजर अपने देश में एडल्ट आयु या 18 वर्ष की उम्र पूरी कर लेता है तो उसका अकाउंट नॉर्मल एडल्ट अकाउंट की तरह काम करता है और उसे सभी उपलब्ध फीचर्स का इस्तेमाल करने की परमिशन मिल जाती है.
WhatsApp आखिर क्यों मांगता है उम्र की जानकारी
आपको बता दें कि भारत में दिखाई देने वाला ये नया प्रॉम्प्ट चर्चा का विषय बना हुआ है लेकिन WhatsApp द्वारा यूजर्स से उम्र पूछना कोई नई बात नहीं है. कंपनी पहले भी अलग-अलग देशों में जरूरत पड़ने पर यूजर्स से उनकी उम्र या जन्मतिथि की पुष्टि करने को कहती रही है.
WhatsApp के अनुसार, कुछ फीचर्स का इस्तेमाल करने, नया अकाउंट बनाने जैसी स्थिति में कंपनी यूजर से उसकी उम्र की जानकारी मांग सकती है. अगर जरूरत हो तो एक्सट्रा डॉक्यूमेंट्स या जानकारी भी मांगी जा सकती है जिससे उम्र की वेरिफिकेशन हो सके.
क्या भारत में भी लागू हो सकते हैं नए नियम
दरअसल, हाल के घटनाक्रम के बाद ये चर्चा भी शुरू हो गई है कि क्या भारत दूसरे देशों की तरह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए कड़े उम्र वेरिफिकेशन नियम लागू कर सकता है. दुनिया के कई देशों ने बच्चों की ऑनलाइन सेफ्टी को लेकर सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. ऐसे में भारत में भी भविष्य में इसी तरह के नियम बनने की संभावना को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं. हालांकि फिलहाल ऐसी किसी नीति का कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है.
दूसरे देशों में क्या हैं नियम
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऑस्ट्रेलिया ने हाल ही में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए कई बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगाने वाला कानून पारित किया है. इस फैसले का मकसद बच्चों को गलत कंटेंट, साइबर बुलिंग और ऑनलाइन शोषण जैसे खतरों से बचाना बताया गया है. हालांकि, WhatsApp को इस कानून के दायरे से बाहर है और ये अपने ग्लोबल उम्र संबंधी नियमों के तहत पहले की तरह काम करता रहेगा.
वहीं, यूनाइटेड किंगडम (UK) ने भी कुछ ऑनलाइन सर्विसेज के लिए उम्र वेरिफिकेशन से जुड़े नियमों को और सख्त किया है. इससे ये संकेत मिलता है कि दुनिया भर में बच्चों की ऑनलाइन सेफ्टी को लेकर नियम लगातार कड़े होते जा रहे हैं.
अब अगर भविष्य में भारत सरकार उम्र वेरिफिकेशन से जुड़े नियम लागू करती है तो इसका सीधा असर केवल WhatsApp पर नहीं पड़ेगा बल्कि Telegram, Signal, Instagram, Snapchat और दूसरे सोशल मीडिया या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर भी इसका असर देखने को मिलेगा.
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