राजधानी शिमला में लगातार हो रही बारिश का असर शनिवार (2 अगस्त) को भी देखने को मिला. भारी वर्षा के चलते शहर के विभिन्न हिस्सों में डंगा धंसने और पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा. हालांकि प्रशासन, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस और संबंधित विभागों की त्वरित कार्रवाई के चलते सभी प्रभावित मार्गों को शनिवार शाम तक बहाल कर दिया गया.
सबसे पहले संजौली के हॉलीओक क्षेत्र में बिजली सब-स्टेशन के समीप भारी बारिश के कारण डंगा धंस गया. इससे सड़क पर मलबा आ गया और यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा. सूचना मिलते ही संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की सहायता से मलबा हटाकर सड़क को दोबारा वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया. वहीं लक्कड़ बाजार के नीचे कसौट क्षेत्र में एक पेड़ गिरने से स्थानीय यातायात प्रभावित हुआ. विभागीय कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए पेड़ को हटाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो गया.
सील्ड रोड पर एक साथ गिरी 3 पेड़, अस्थायी रूप से मार्ग बंद
इसी बीच ओक ओवर–राहत होटल के बीच स्थित सील्ड रोड पर शनिवार शाम करीब चार बजे लगातार बारिश के चलते तीन पेड़ सड़क पर गिर गए. एहतियात के तौर पर मार्ग को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा. स्थानीय पार्षद शीनम कटारिया ने बताया कि घटना के समय पोर्टमोर स्कूल के बच्चे भी इसी मार्ग से गुजर रहे थे. सौभाग्य से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और सभी बच्चे सुरक्षित रहे.
मार्ग बंद होने के कारण परमिट वाले वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से भेजा गया. ट्रैफिक पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को व्यवस्थित किया और वाहन चालकों से सहयोग की अपील की. संबंधित विभाग ने युद्धस्तर पर पेड़ हटाने का कार्य किया, जिसके बाद शनिवार शाम करीब 5:45 बजे मार्ग को फिर से यातायात के लिए खोल दिया गया. लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने तथा मौसम और ट्रैफिक संबंधी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है.
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मानसून से निपटने के लिए नगर निगम की टीम 24 घंटे अलर्ट पर
शिमला नगर निगम के मेयर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि शहर में गिरने वाले अधिकांश पेड़ काफी पुराने हो चुके हैं. लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण ऐसे पेड़ों के गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं. उन्होंने कहा कि नगर निगम ने मानसून से निपटने के लिए पहले से व्यापक तैयारियां कर रखी हैं और सभी संबंधित टीमें 24 घंटे अलर्ट मोड पर हैं.
मेयर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि जैसे ही किसी स्थान पर पेड़ गिरने या सड़क अवरुद्ध होने की सूचना मिलती है, नगर निगम की टीम, स्थानीय पार्षद और संबंधित विभाग तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत एवं बहाली का कार्य शुरू कर देते हैं. इसी त्वरित समन्वय का परिणाम है कि शनिवार को भी सभी प्रभावित मार्गों को कुछ ही घंटों में यातायात के लिए बहाल कर दिया गया. उन्होंने नागरिकों से अपील की कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक आवाजाही से बचें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत नगर निगम या प्रशासन को दें.
