पिछले कुछ सालों से स्मार्टफोन का साइज बड़ा होता आ रहा है. आईफोन की बात करें तो 2007 में लॉन्च हुए पहले आईफोन में 3.5 इंच की स्क्रीन होती थी, जबकि लेटेस्ट आईफोन 17 प्रो मैक्स में 6.8 इंच का डिस्प्ले मिलता है. इसी तरह एंड्रॉयड फोन में 6-6.8 के बीच का स्क्रीन साइज कॉमन है. लगभग सभी कंपनियां अपने अधिकतर स्मार्टफोन का स्क्रीन साइज इसी रेंज में रखती आ रही हैं, लेकिन अब यह बदलने वाला है. अब फोन के डिस्प्ले के साइज पुरानी टैबलेट के बराबर होने वाला है. 

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7 इंच से बड़े होंगे मोबाइल डिस्प्ले

ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो फोन कंपनियां बड़े डिस्प्ले पर काम कर रही हैं और इनका साइज 7 इंच से बड़ा हो सकता है. इस साइज का डिस्प्ले अभी फोल्डेबल स्मार्टफोन में पाया जाता है. नॉन-फोल्डेबल फोन की बात करें तो ऐप्पल और सैमसंग बड़े डिस्प्ले वाले फोन बना रही हैं. ऐप्पल के आईफोन 17 प्रो मैक्स में 6.86 इंच का डिस्प्ले दिया गया है, जबकि इसी महीने लॉन्च होने वाले सैमसंग के फ्लैगशिप Galaxy S26 Ultra में 6.89 इंच का डिस्प्ले मिलने की उम्मीद है. नई टेक्नोलॉजी आने के बाद कंपनियों की तरफ से इससे भी बड़ी स्क्रीन वाले मोबाइल देखने को मिलेंगे.

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स्क्रीन साइज बड़ा होने से क्या फायदा होगा?

बड़े डिस्प्ले का सीधा मतलब है कि व्यूइंग एक्सीपीरियंस बेहतर होगा. यानी वेब सीरीज, रील्स और मूवीज देखने में यूजर्स को और मजा आने वाला है. इसका एक और फायदा बैटरी कैपेसिटी को लेकर होगा. डिस्प्ले का साइज बढ़ने पर कंपनियां बैटरी का आकार बढ़ा सकेगी, जिससे यूजर्स को लंबी बैटरी लाइफ मिल सकेगी. पिछले कुछ समय को देखा जाए तो सिलिकॉन-कार्बन बैटरियां आने के बाद स्मार्टफोन में 10,000mAh तक के बैटरी पैक आने लगे हैं. अब अगर कंपनियों को बैटरी और बड़ी करने का मौका मिलता है तो स्मार्टफोन की बैटरी कैपेसिटी और ऊपर चली जाएगी. 

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