पिछले कुछ समय से फोल्डेबल फोन का क्रेज बढ़ा है. सैमसंग जहां इस सेगमेंट को लीड कर रही है, वहीं ऐप्पल भी इस साल अपना पहला फोल्डेबल आईफोन लॉन्च कर देगी. दूसरी कंपनियां भी एक के बाद एक फोल्डेबल लॉन्च कर रही हैं. हालांकि, जब यूज और ड्यूरैबिलिटी आदि की बात आती है तो फोल्डेबल फोन टैबलेट के मुकाबले कहीं नहीं ठहरते. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि टैबलेट किन मामलों में फोल्डेबल फोन से बेहतर है.

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फोल्डेबल फोन की बड़ी स्क्रीन भी बड़ी नहीं

अगर आपको बड़े डिस्प्ले की जरूरत है तो फोल्डेबल फोन की स्क्रीन टैबलेट के मुकाबले छोटी ही रहती है. फोल्डेबल फोन में अधिकतम लगभग 10 इंच की स्क्रीन मिलती है, जो टैबलेट के मुकाबले छोटी ही रहती है. टैबलेट में 11 और 13 इंच की स्क्रीन कॉमन है. इसके अलावा फोल्डेबल फोन की स्क्रीन पर क्रीज भी यूजर एक्सपीरियंस को खराब कर सकती है.

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ड्यूरैबिलिटी और बैटरी लाइफ में भी टैबलेट आगे

फोल्डेबल फोन के हिंजेज और इनर स्क्रीन की ड्यूरैबिलिटी टैबलेट के मुकाबले कम होती है. भले ही कंपनियां इनके ड्यूरैबल होने का दावा करती है, लेकिन ये काफी सेंसेटिव होते हैं और आपको हर बार केयरफुल होकर इसे अनफोल्ड करना पड़ता है. इसके अलावा बैटरी लाइफ के मामले में फोल्डेबल फोन पिछड़ जाते हैं. ज्यादा बड़ी बैटरी देने पर ये फोन बल्की हो जाते हैंं. इसलिए यूजर्स को बैटरी लाइफ को लेकर भी कॉम्प्रोमाइज करना पड़ता है.

लार्ज स्क्रीन सॉफ्टवेयर की प्रॉब्लम

फोल्डेबल फोन की एक और बड़ी दिक्कत सॉफ्टवेयर को लेकर होती है. कई ऐप्स ऐसी हैं, जिन्हें पूरी तरह से फोल्डेबल फोन के लिए ऑप्टिमाइज नहीं किया गया है. उन्हें यूज करने पर वो स्ट्रैच्ड लगती है या खाली स्पेस मिलता है. इस मामले में भी टैबलेट आगे है.

लॉन्ग टर्म वैल्यू में टैबलेट आगे

जब रिपेयर की बात आती है तो फोल्डेबल फोन खुद को जस्टिफाई नहीं कर पाते. इनर डिस्प्ले पर लगा एडहेसिव समय के साथ खराब हो सकता है और हिंजेज आदि के कारण सिंपल रिपेयर भी महंगी और मुश्किल हो जाती है. दूसरी तरफ टैबलेट की रिपेयर आसान और सस्ती होती है. 

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