इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 में भारतीय कंपनियों ने ऐसी टेक्नोलॉजी दिखाई है, जिसे देश की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जा रहा है. Reliance Jio जहां AI वाले वियरेबल डिवाइस लाने की तैयारी में है, वहीं Torchit ने दृष्टिबाधित लोगों की मदद के लिए स्मार्ट चश्मे बनाए हैं. Qualcomm जैसी कंपनियां भी पेमेंट, पढ़ाई और रोजमर्रा के कामों में इन डिवाइस के इस्तेमाल की संभावनाएं ढूंढ रही हैं. 

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Jio के AI डिवाइस में मिलेंगी कई सुविधाएं

Reliance Intelligence की वियरेबल टीम ऐसे डिवाइस तैयार कर रही है, जिनमें यूजर्स आवाज के जरिए AI फीचर्स का इस्तेमाल कर सकेंगे. कंपनी इन्हें नवंबर या दिसंबर 2026 तक भारत में लॉन्च करने की योजना बना रही है. इनमें लाइव ट्रांसलेशन, मीटिंग या बातचीत के नोट्स बनाना, स्कैन करके पेमेंट करना, म्यूजिक सुनना और लाइव क्रिकेट कमेंट्री जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं.

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यूजर्स Hello, Jio बोलकर असिस्टेंट को एक्टिव कर सकेंगे. इन डिवाइस में फिलहाल हिंदी, अंग्रेजी, मराठी, गुजराती, बंगाली, तेलुगु, तमिल और मलयालम समेत आठ भाषाओं का सपोर्ट है. कंपनी चार और भाषाएं जोड़ने की योजना बना रही है, हालांकि इनकी कीमत अभी नहीं बताई गई है. 

दृष्टिबाधित लोगों के लिए Torchit के स्मार्ट चश्मे

अहमदाबाद की कंपनी Torchit ने दृष्टिबाधित लोगों के लिए Jyoti स्मार्ट ग्लास तैयार किए हैं. इनमें Explore, Read, Medicine, Colour, Currency और Food and Grocery जैसे छह मोड मिलते हैं. कैमरे की मदद से ये चश्मे सामने मौजूद चीजों की जानकारी दे सकते हैं और लिखे हुए टेक्स्ट, दवाओं, रंगों तथा पैसों को पहचानने में मदद करते हैं. कंपनी के मुताबिक, जुलाई 2026 में पेश किया गया नया मॉडल वायरलेस है. Torchit के प्रोडक्ट भारत में 40 हजार से ज्यादा लोगों तक पहुंच चुके हैं. इनकी कीमत करीब 20,000 से 25,000 रुपये है.

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पेमेंट और पढ़ाई में भी काम आएंगे स्मार्ट चश्मे

Qualcomm ने Lenskart और NPCI के साथ मिलकर चश्मे से पेमेंट करने की टेक्नोलॉजी का प्रदर्शन किया. इसमें आवाज या फिंगरप्रिंट से भुगतान की पुष्टि की जा सकती है. कंपनी को शिक्षा, कामकाज और नेविगेशन में भी ऐसे डिवाइस के इस्तेमाल की संभावना दिखती है. 

AI के लिए मजबूत डिजिटल नेटवर्क भी जरूरी

IMC 2026 में जापान ने भारत के साथ डेटा सेंटर, फाइबर नेटवर्क और समुद्र के नीचे बिछने वाली इंटरनेट केबल जैसी सुविधाओं पर सहयोग बढ़ाने की जरूरत बताई. AI सेवाओं को चलाने के लिए सिर्फ चिप्स ही नहीं, बल्कि तेज और भरोसेमंद नेटवर्क, बिजली और डेटा सेंटर भी जरूरी हैं. ऐसे में AI टेक्नोलॉजी के विकास के साथ उसके लिए मजबूत डिजिटल स्ट्रक्चर तैयार करना भी जरूरी होगा. 

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