सर्दियां आते ही नहाने के लिए गुनगुने पानी की जरूरत पड़ने लगती है और इसके साथ ही शुरू हो जाती है बिजली के बिल की टेंशन. हर साल ठंड के मौसम बहुत से लोग पानी गर्म करने के लिए इमर्सन रॉड जिसे कुछ लोग पानी गर्म करने की राॅड भी कहते है उसका इस्तेमाल करते हैं. तो कई लोगों के घर में परमानेंट गीजर लगे हैं वह उनका इस्तेमाल करते हैं. 

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ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल आता है रॉड सस्ती पड़ जाती है. वह ज्यादा बेहतर होती है तो कई लोग सोचते हैं गीजर में झंझट नहीं रहता बस बटन दबाओ और काम चालू. लेकिन दोनों में से कम बिजली कौन खाता है इस बात को लेकर अक्सर लोग कंफ्यूज रहते हैं. अगर आप भी इस बात को लेकर कंफ्यूज है तो चलिए आपकी इस परेशानी को दूर करते है आपको समझाते हैं कौन ज्यादा बिजली खपत करता है. 

इमर्सन रॉड की बिजली खपत 

सबसे पहले बात करते हैं बाजार में मिलने वाली उस पानी गर्म करने वाली रॉड की जो हर दूसरे घर में ठंड के दिनों में दिखाई दे जाती है. यह रॉड आमतौर पर 1000 से लेकर 1500 या 2000 वाट की क्षमता वाली आती है. जब आप इसे बाल्टी में डालते हैं तो यह सीधे पानी के संपर्क में रहकर तेजी से उसे गर्म कर देती है. चूंकि इसकी पावर कैपेसिटी कम होती है और यह सिर्फ एक बाल्टी पानी को 5 से 10 मिनट में खौला देती है. इसलिए इसका कुल बिजली खर्च देखने में कम लगता है. 

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अगर आप रोज सुबह एक बाल्टी पानी गर्म करने के लिए 1500 वाट की रॉड का इस्तेमाल 10 मिनट के लिए करते हैं, तो यह बहुत ज्यादा यूनिट बिजली नहीं खाती. लेकिन इसकी सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि इसमें कोई ऑटो-कट और तापमान नियंत्रण नहीं होता है. अगर आप बाल्टी में रॉड लगाकर भूल जाएं और पानी खौलकर उड़ने लगे तो आपकी बिजली और पानी दोनों की बर्बादी हो जाती है.

गीजर की बिजली खपत

अब बात करते हैं बाथरूम में परमानेंट फिट होने वाले गीजर की जो आमतौर पर 2000 से लेकर 3000 वाट या उससे भी ज्यादा पावर के होते हैं. साइज और कैपेसिटी के हिसाब से गीजर बिजली की खपत तय करता है. जब आप गीजर ऑन करते हैं, तो उसका हेवी हीटिंग एलिमेंट टैंक के अंदर भरे 15 या 25 लीटर पानी को गर्म करने में अच्छी खासी बिजली खींचता है. चूंकि गीजर की वाट क्षमता रॉड से लगभग दोगुनी होती है. इसलिए शुरू में यह बिजली का मीटर बहुत तेजी से भगाता है. 

हालांकि आजकल मार्डन गीजर में ऑटो-कैट और थर्मोस्टेट का शानदार फीचर मिलता है. एक बार पानी तय तापमान तक गर्म हो जाने के बाद गीजर अपने आप बंद हो जाता है और टैंक इंसुलेटेड होने की वजह से पानी घंटों तक गर्म बना रहता है. यानी गीजर बार-बार चालू नहीं होता. जिससे लंबी टाइम तक बिजली की खपत कम रहती है.

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कौन है ज्यादा किफायती रॉड या गीजर?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि दोनों में से ज्यादा किफायती कौन है. गणित के हिसाब से देखा जाए तो अगर आप अकेले रहते हैं और रोज सिर्फ एक बाल्टी पानी की जरूरत है. तो इमर्सन रॉड आपके लिए ज्यादा सस्ती और किफायती साबित होगी. लेकिन अगर आपके घर में बड़ा परिवार है लगातार कई लोगों को नहाना है और आप बार-बार बाल्टी भरकर रॉड लगा रहे हैं. 

तो कुल मिलाकर बिजली का बिल गीजर से भी ज्यादा आ सकता है. इसके अलावा गीजर में सेफ्टी फीचर्स ज्यादा होते हैं, जिससे करंट लगने का खतरा न के बराबर रहता है, जबकि सस्ती रॉड में जरा सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है. 

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