यूज करते समय हाथ से गिरकर या दूसरे तरीकों से फोन डैमेज हो जाना आम बात है. कई बार फोन में सॉफ्टवेयर या इंटरनल पार्ट्स के कारण भी खराबी निकल आती है. कई बार ऐसी स्थिति बनती है कि डैमेज हुए फोन को ठीक करवाने और नए फोन लेने की लागत में ज्यादा अंतर नहीं रह जाता. ऐसे में लोग कंफ्यूज हो जाते हैं कि नया फोन लेना ठीक रहेगा या खराब फोन को रिपेयर करवाना. अगर आप भी ऐसी कंफ्यूजन से जूझ रहे हैं तो कुछ बातों से इसका फैसला किया जा सकता है. 

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कितना डैमेज हुआ है फोन?

अगर आपने नया फोन खरीदा है और यह डैमेज हो गया तो इस बात की संभावना है कि यह वारंटी से कवर हो जाएगा. अगर आपका फोन वारंटी कवर से बाहर है और डैमेज हो गया है तो यह देखने की जरूरत है कि कितना नुकसान हुआ है. अगर यह फोन रिपेयर होने लायक है और इसके लिए ज्यादा पैसा नहीं देना पड़ेगा तो रिपेयर करवाना बेहतर है. अगर डैमेज ज्यादा है और ठीक करवाने में मोटी रकम खर्च होगी तो नया फोन खरीदा जा सकता है.

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कितना पुराना है फोन

अगर आप कई साल पुराना फोन यूज कर रहे हैं और ये ज्यादा डैमेज हुआ है तो इसे बदल देना ठीक रहेगा. कई बार पुराने फोन के पार्ट्स नहीं मिल पाते. ऐसे में आपको बार-बार सर्विस सेंटर के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं. अगर आप कोई फोन 4-5 साल से यूज कर रहे हैं और यह ज्यादा डैमेज हुआ है तो नया फोन लेना बेहतर है.

फोन के कंटेट से करें डिसाइड

स्मार्टफोन में फाइलों का बैकअप लेने की सुविधा मिलती है, लेकिन कई बार बैकअप नहीं लिया जाता. ऐसे में अगर जरूरी डॉक्यूमेंट्स, फाइल्स और फोटो-वीडियो वाला फोन खराब या डैमेज हुआ है तो इसे रिपेयर करवा लेना समझदारी होगी. नया फोन लेने पर आपका जरूरी डेटा खो जाएगा और उसे रिकवर करना लगभग असंभव हो जाएगा. ऐसे में पुराने फोन को रिपेयर करवा लें.

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