Phone Charger Tips: बैटरी चार्ज होते ही लोग फोन चार्जिंग से हटा लेते हैं, लेकिन चार्जर को सॉकेट में लगा ही छोड़ देते हैं. ज्यादातर लोग तो सॉकेट को बंद भी नहीं करते हैं. भले ही आप किसी के घर चले जाएं या किसी ऑफिस, आपको किसी न किसी सॉकेट में चार्जर लटकता हुआ नजर आ जाएगा. ज्यादातर लोगों को लगता है कि जब फोन चार्ज नहीं हो रहा है तो चार्जर बिजली की खपत भी नहीं कर रहा होगा. अगर आप भी ऐसा सोचते हैं तो बता दें सॉकेट में लगा चार्जर भी बिजली पीता है, भले ही आप उससे फोन चार्ज नहीं कर रहे हैं. आइए जानते हैं कि सॉकेट में लगे चार्जर महीने में कितनी बिजली की खपत कर लेते हैं.
कितनी बिजली पी जाते हैं प्लग में लगे चार्जर?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सॉकेट में चार्जर ऑन छोड़ देने से भारत में हर साल 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिजली खर्च हो जाती है. अनुमान है कि प्लग में लगा एक चार्जर एक दिन में 7.2 वाट बिजली की खपत करता है. यानी अगर चार्जर पूरे दिन ऑन रहे तो यह लगभग 0.072 यूनिट बिजली पी जाता है. अगर बिजली यूनिट की कीमत का औसत निकाले तो एक चार्जर महीने में लगभग 1-2 रुपये की बिजली पी जाता है. एक चार्जर के लिए यह रकम बहुत कम है, लेकिन जब रोजाना ऐसे लाखों-करोड़ों चार्जर प्लग में लगे रहते हैं तो इससे होने बिजली की खपत का अंदाजा लगाया जा सकता है.
केवल बिजली का ही नहीं, और भी हैं नुकसान
अगर आप चार्जर को सॉकेट में लगा हुआ और ऑन छोड़ देते हैं तो यह बिजली की खपत करता रहता है. बिजली की इस बर्बादी को वैंपायर पावर या फैंटम लोड कहा जाता है. इससे करंट लगने का भी डर रहता है. इसके साथ लगातार ऑन रहने के कारण चार्जर या दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ओवरहीट हो जाते हैं, जिससे उनके खराब होने का खतरा बढ़ जाता है.
क्या है चार्जर यूज करने का सही तरीका?
मोबाइल या लैपटॉप समेत किसी भी डिवाइस के चार्जर को यूज होने के बाद सॉकेट से निकाल दें या पावर को बंद कर दें. अगर आपको बार-बार चार्जर की जरूरत पड़ती है तो यूज करने के बाद पावर बटन को बंद करना न भूलें. इसके अलावा डिवाइस चार्ज करते समय छोटी केबल का यूज करें. लंबी केबल से सिग्नल कमजोर हो जाते हैं और डिवाइस को चार्ज होने में समय लगता है.
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