घर में Wi-Fi लगा हो, लेकिन दूसरे कमरे में जाते ही इंटरनेट धीमा पड़ने लगे, वीडियो बार-बार रुकने लगे या ऊपर की मंजिल पर सिग्नल मिलना मुश्किल हो जाए, तो इसकी वजह सिर्फ इंटरनेट की स्पीड नहीं होती है. कई बार राउटर की पहुंच भी इसके लिए जिम्मेदार होती है. आमतौर पर Wi-Fi राउटर एक ही जगह रखा होता है और वहीं से पूरे घर में सिग्नल भेजता है, लेकिन दूरी बढ़ने और बीच में दीवारें आने से सिग्नल कमजोर हो सकता है. ऐसे में Mesh Wi-Fi सिस्टम काम आता है.
यह एक डिवाइस पर निर्भर रहने की जगह घर के अलग-अलग हिस्सों में कई नेटवर्क पॉइंट लगाकर Wi-Fi की पहुंच बढ़ाता है. खास बात यह है कि इन सभी पॉइंट्स के लिए अलग-अलग नेटवर्क से जुड़ने की जरूरत नहीं होती है. तो आइए जानते हैं कि Mesh Wi-Fi की टेक्नोलॉजी कैसे काम करती है और यह सामान्य राउटर से कितनी अलग है.
क्या होता है Mesh Wi-Fi सिस्टम?
Mesh Wi-Fi एक ऐसा नेटवर्क है, जिसमें मेन राउटर के साथ एक या उससे ज्यादा सैटेलाइट डिवाइस जुड़े होते हैं. मेन राउटर मॉडेम के जरिए इंटरनेट से कनेक्ट होता है, जबकि बाकी डिवाइस घर के दूसरे हिस्सों तक सिग्नल पहुंचाते हैं. इन सभी का मकसद एक ही Wi-Fi नेटवर्क की कवरेज बढ़ाना है. इस सिस्टम में फोन, लैपटॉप और टैबलेट जैसे डिवाइस एक ही नेटवर्क नाम और पासवर्ड का इस्तेमाल करते हैं. इससे घर के एक कमरे से दूसरे कमरे में जाने पर बार-बार नेटवर्क बदलने की जरूरत नहीं पड़ती है.
कैसे काम करती है Mesh Wi-Fi की टेक्नोलॉजी?
Mesh सिस्टम में मेन राउटर इंटरनेट कनेक्शन को संभालता है. इसके बाद घर के अलग-अलग हिस्सों में लगाए गए सैटेलाइट या नोड्स नेटवर्क को आगे बढ़ाते हैं. ये नोड्स मेन राउटर या दूसरे नोड्स के साथ कम्युनिकेट करके Wi-Fi की पहुंच बढ़ाते हैं. जब कोई यूजर घर में एक जगह से दूसरी जगह जाता है, तो उसका डिवाइस उपलब्ध नेटवर्क पॉइंट्स के बीच अपने आप कनेक्शन बदल सकता है. इससे पूरे घर में इंटरनेट इस्तेमाल करना आसान होता है.
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Mesh Wi-Fi और सामान्य राउटर में क्या अंतर है?
सामान्य राउटर एक ही जगह से Wi-Fi सिग्नल भेजता है. इसमें दूरी बढ़ने या दीवारों जैसी रुकावटों के कारण सिग्नल कमजोर हो सकता है. इसके मुकाबले Mesh सिस्टम कई पॉइंट्स के जरिए कवरेज देता है. छोटे घर या अपार्टमेंट में सामान्य राउटर सही हो सकता है, लेकिन बड़े और कई मंजिलों वाले घरों में Mesh सिस्टम ज्यादा यूजफुल साबित हो सकता है. जरूरत पड़ने पर इसमें अतिरिक्त सैटेलाइट भी जोड़े जा सकते हैं, हालांकि इसकी कीमत सामान्य राउटर से ज्यादा हो सकती है.
Wi-Fi Extender से कैसे अलग है Mesh सिस्टम?
Wi-Fi Extender मौजूदा राउटर के सिग्नल को पकड़कर उन जगहों तक पहुंचाता है, जहां नेटवर्क कमजोर है. कई पारंपरिक एक्सटेंडर अलग नेटवर्क नाम बनाते हैं, जिससे यूजर को जरूरत के हिसाब से नेटवर्क बदलना पड़ सकता है. Mesh सिस्टम में सभी नोड्स एक ही नेटवर्क का हिस्सा होते हैं. अगर घर के कई हिस्सों में सिग्नल की समस्या है, तो यह बेहतर ऑप्शन हो सकता है. वहीं सिर्फ एक कमरे तक Wi-Fi पहुंचाने के लिए एक्सटेंडर भी सही हो सकता है. यह भी पढ़ें -हर वेबसाइट पर Cookies को हां कहना पड़ सकता है भारी, जानें क्यों?
