Govt Issues Notice To Meta:इंस्टाग्राम पर पेड विज्ञापनों के जरिए फैलाए जा रहे यौन शोषण से जुड़े कंटेट को लेकर सरकार ने मेटा को नोटिस भेजा है. इसमें प्लेटफॉर्म से ऐसे सभी विज्ञापन और कंटेट को हटाने का आदेश दिया गया है. कंपनी को इस मामले पर अपनी सफाई देने के लिए सात दिन का समय दिया गया है.  दरअसल, एक रिपोर्ट में सामने आया था कि इंस्टाग्राम पर पेड विज्ञापनों के जरिए बाल यौन शोषण से जुड़े कंटेट को फैलाया जा रहा है. आईटी मंत्रालय ने इंस्टाग्राम को तुरंत ऐसे विज्ञापन और कंटेट पर रोक लगाने को कहा है. साथ ही सरकार ने मेटा से उसके प्लेटफॉर्म पर ऐसे कंटेट की मौजूदगी और ऐसे मामलों से निपटने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में पूछा है.

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क्या है मामला?

बीबीसी की एक रिपोर्ट में सामने आया था कि इंस्टाग्राम पर दो दर्जन से अधिक ऐसे विज्ञापन हैं, जो बाल यौन शोषण से जुड़े कंटेट को प्रमोट कर रहे हैं. इन विज्ञापनों के साथ टेलीग्राम चैनल के लिंक दिए हुए थे, जहां पर कुछ पैसे देकर ऐसे कंटेट को खरीदा जा सकता है. पड़ताल के मुताबिक, ये विज्ञापन इंस्टाग्राम की मॉडरेशन प्रोसेस को पास कर प्लेटफॉर्म पर अपीयर हुए थे. इन विज्ञापनों पर ऐसे कंटेट का लिंक था, जो भारत में गैर-कानूनी है. जांच में सामने आया कि करीब 30 ऐसे एडवरटाइजर हैं, जो बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेट को प्रमोट कर रहे हैं.

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इंस्टाग्राम और मेटा के अलग-अलग जवाब

इस मामले को लेकर जब बीबीसी ने इंस्टाग्राम से जवाब मांगा तो उसकी तरफ से कहा गया कि ये पोस्ट उनकी कम्यूनिटी गाइडलाइन्स के अनुसार हैं और उनका उल्लंघन नहीं करती. वहीं मेटा ने अपने जवाब में कहा कि कई विज्ञापन डिसेबल कर दिए गए हैं और विज्ञापन देने वाले अकाउंट्स को भी सस्पेंड किया गया है.

यूजरनेम फीचर को भी लेकर भी मुश्किलों में घिरी मेटा

मेटा के लिए यह महीना काफी मुश्किलों भरा रहा है. इंस्टाग्राम से पहले उसे व्हाट्सऐप के एक फीचर को लेकर भी सरकार की तरफ से नोटिस मिल चुका है. दरअसल, मेटा ने व्हाट्सऐप पर यूजरनेम फीचर रोलआउट किया था. इससे फ्रॉड और स्कैम के मामले बढ़ने की आशंका जताते हुए सरकार ने फिलहाल इस फीचर की लॉन्चिंग पर रोक लगाने का आदेश दिया है. साथ ही इस मामले में मेटा को नोटिस भेजकर जवाब भी मांगा गया है. 

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