Google Auto Login Feature: मोबाइल ऐप्स पर अकाउंट बनाने का तरीका अब तेजी से बदल रहा है. अब तक जब भी आप किसी नए ऐप पर साइन अप करते थे तो ईमेल या फोन नंबर पर आने वाले OTP के जरिए वेरिफिकेशन करना पड़ता था. लेकिन Google ने Android यूजर्स के लिए एक ऐसा नया फीचर पेश किया है जिससे यह पूरा प्रोसेस बिना OTP के ही पूरा हो सकेगा.

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दरअसल, Google ने अपने Credential Manager में अपडेट किया है जिसके तहत ऐप्स आपके Gmail अकाउंट को खुद ही वेरिफाई कर सकेंगे. इसका मतलब यह है कि अब आपको हर बार OTP डालने या मैजिक लिंक पर क्लिक करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. पूरा प्रोसेस बैकग्राउंड में अपने आप हो जाएगा और आपका समय भी बचेगा.

कैसे काम करता है यह नया सिस्टम

इस नए सिस्टम में जब कोई ऐप आपकी पहचान की पुष्टि करना चाहता है तो स्क्रीन पर एक छोटा सा पॉप-अप दिखाई देता है. इसमें साफ बताया जाता है कि ऐप कौन-सी जानकारी एक्सेस करना चाहता है. जैसे ही आप Agree and Continue पर टैप करते हैं आपकी जरूरी जानकारी सुरक्षित तरीके से ऐप के साथ शेयर हो जाती है और साइन-अप तुरंत पूरा हो जाता है.

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इस तकनीक में क्रिप्टोग्राफिक तरीके से वेरिफाई किए गए क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल किया जाता है जिससे पूरा प्रोसेस न सिर्फ तेज होता है बल्कि ज्यादा स्मूद भी बनता है. इतना ही नहीं, अगर कभी आपका अकाउंट एक्सेस से बाहर हो जाए तो इसे वापस पाना भी पहले से आसान हो सकता है क्योंकि अब बार-बार कोड डालने की जरूरत नहीं होगी.

क्या सच में सुरक्षित है आपका डेटा?

सवाल यह उठता है कि इतनी आसान प्रक्रिया कहीं आपकी प्राइवेसी के लिए खतरा तो नहीं बन जाएगी? Google का कहना है कि इस सिस्टम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि बिना आपकी अनुमति के कोई भी ऐप आपकी जानकारी तक पहुंच नहीं सकता.

हर बार जब कोई ऐप डेटा एक्सेस करना चाहेगा तो आपको पहले उसकी मंजूरी देनी होगी. साथ ही, कौन-सी जानकारी शेयर हो रही है इसकी पूरी पारदर्शिता भी रखी गई है ताकि यूजर्स को कोई भ्रम न हो.

अभी सभी के लिए उपलब्ध नहीं

फिलहाल यह फीचर Android के Credential Manager के जरिए सीमित रूप में उपलब्ध है और केवल पर्सनल Gmail अकाउंट्स के साथ काम कर रहा है. इसके अलावा, यह पूरी तरह ऐप डेवलपर्स पर निर्भर करेगा कि वे इसे अपने ऐप में कब शामिल करते हैं. यह नया फीचर साइन-अप को पहले से ज्यादा आसान और तेज जरूर बनाता है. हालांकि, यूजर्स को भी सतर्क रहना होगा और किसी भी ऐप को अनुमति देते समय यह जरूर देखना चाहिए कि वे क्या-क्या एक्सेस मांग रहे हैं.

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