Foldable Phone Problems:फोल्डेबल फोन की पॉपुलैरिटी तेजी से बढ़ती जा रही है. 2021 में जहां फोल्डेबल फोन की महज 15 लाख यूनिट्स बेची गई थीं, वहीं 2025 में यह संख्या एक करोड़ से पार चली गई. इस साल की बात करें तो फोल्डेबल फोन की शिपमेंट 20 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है. भले ही फोल्डेबल फोन खरीदने वाले लोग बढ़ रहे हैं, लेकिन इनके झंझट से परेशान लोगों की संख्या भी कम नहीं है. फोल्डेबल फोन यूज करने वाले लोगों को कई ऐसी मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं, जो नॉर्मल फोन के साथ नहीं आतीं. आज हम फोल्डेबल फोन के कुछ ऐसे ही झंझट के बारे में बात करेंगे.

Continues below advertisement

फोल्डेबल फोन को लेकर यूजर्स को आ रहीं ये दिक्कतें

बैटरी लाइफ- भले ही आपके पास कोई भी फोन हो, बैटरी लाइफ को लेकर चिंता बनी रहती है. फोल्डेबल फोन के मामले में यह चिंता और बढ़ जाती है. फोल्डेबल पोन को पतला बनाने के लिए इनमें ज्यादा बड़ी बैटरी नहीं दी जा सकती और इनकी मल्टीपल स्क्रीन ज्यादा बैटरी की खपत करती है. इस कारण बैटरी को लेकर झंझट बना रहता है. 

Continues below advertisement

हिंज ड्यूरैबिलिटी- हिंज ड्यूरैबिलिटी के इश्यू को लेकर फोल्डेबल फोन शुरू से ही संघर्ष करते आए हैं और यह अभी तक पूरी तरह से सॉल्व नहीं हुआ है. रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ समय के यूज के बाद हिंज लूज हो जाते हैं. कई यूजर्स का यह भी कहना है कि फोल्डेबल फोन के हिंज धूल-मिट्टी को लेकर सेंसेटिव होते हैं. यानी एक बार इनमें धूल-मिट्टी चले जाने के बाद ये पहले की तरह काम नहीं कर पाते. 

ऐप्स के साथ कंपेटिबिलिटी इश्यू- फोल्डेबल फोन की एक्स्ट्रा हाइट और आस्पेक्ट रेशो के लिए चलते ऐप्स और फोटो-वीडियो के साथ कंपेटिबिलिटी का इश्यू आता है. फोल्डेबल फोन की एक हाइलाइट बड़ी स्क्रीन भी होती है, लेकिन यह फीचर पूरी तरह से यूटिलाइज नहीं हो पाता. वीडियो देखते समय स्क्रीन पर काफी खाली स्पेस रहता है. इसके अलावा हिंज वाली जगह पर क्रीज विजिबल होती है, जो व्यूइंग एक्सपीरियंस पर असर डालती है. कुछ लोगों को इससे स्क्रॉलिंग में भी दिक्कत आती है. 

डैमेज का ज्यादा खतरा- फोल्डेबल फोन की स्क्रीन डैमेज होने का ज्यादा खतरा है. इन फोन की स्क्रीन नॉर्मल फोन के मुकाबले अधिक सॉफ्ट और नाजुक होती है, जो गिरने पर जल्दी डैमेज हो जाती है. इसे बचाने के लिए कई कंपनियां स्क्रीन पर प्लास्टिक स्क्रीन प्रोटेक्टर भी देती है, लेकिन कुछ समय बाद ही प्रोटेक्टर में बबल बनने लगते हैं और यह किनारों से उतरना शुरू हो जाता है. नॉर्मल फोन के मुकाबले फोल्डेबल फोन पर स्क्रीन प्रोटेक्टर ज्यादा लंबा नहीं चलता.

ये भी पढ़ें-

WhatsApp पर आ गया बड़ा खतरा, इन यूजर्स को बनाया जा रहा है निशाना