Elon Musk on Google: टेक इंडस्ट्री के सबसे चर्चित नामों में शामिल एलन मस्क एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर अपनी बेबाक राय रखने के लिए पहचाने जाने वाले मस्क ने इस बार सीधे तौर पर नहीं बल्कि हल्के तंज के जरिए Google Search की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए. उनका यह कमेंट देखते ही देखते टेक यूज़र्स और एक्सपर्ट्स के बीच चर्चा का विषय बन गया.

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आखिर Google Search को लेकर मस्क ने क्या कहा?

एलन मस्क ने X पर एक यूजर द्वारा शेयर की गई पोस्ट को रीपोस्ट किया जिसमें Google Search के एक अजीब और भ्रमित करने वाले रिज़ल्ट का स्क्रीनशॉट था. इस पोस्ट में दिखाया गया था कि Google से पूछा गया सवाल था, “क्या अगला साल 2027 है?”

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Google ने ऊपर जवाब में सही जानकारी दी कि अगला साल 2026 है और उसके बाद 2027 आएगा. लेकिन इसी रिज़ल्ट में नीचे एक और जानकारी दिखाई गई जिसमें 2026 को मौजूदा साल बताया गया और 2027 को अगला साल. यही विरोधाभास लोगों को खटक गया.

एक ही जवाब में दो अलग-अलग सच्चाई

समस्या यह नहीं थी कि Google ने गलत साल बताया, बल्कि दिक्कत यह थी कि एक ही सर्च रिज़ल्ट में दो अलग-अलग और एक-दूसरे से टकराती जानकारियां दिखाई गईं. एक तरफ 2026 को अगला साल बताया गया, तो दूसरी तरफ उसे वर्तमान वर्ष दिखाया गया. इस तरह की गलती यूज़र्स को भ्रमित कर सकती है, खासकर तब जब जानकारी पूरे भरोसे के साथ पेश की जाए.

मस्क की प्रतिक्रिया

इस स्क्रीनशॉट को शेयर करते हुए एलन मस्क ने बस इतना लिखा कि इसमें “सुधार की गुंजाइश है.” यह टिप्पणी भले ही छोटी और व्यंग्यात्मक लगे, लेकिन इसके मायने काफी बड़े हैं. मस्क का इशारा साफ था कि दुनिया का सबसे भरोसेमंद माना जाने वाला सर्च इंजन भी गलतियां कर सकता है.

Google Search

Google Search वर्षों से इंटरनेट यूज़र्स की पहली पसंद रहा है. चाहे साधारण जानकारी हो या जटिल सवाल, लोग बिना सोचे-समझे Google पर भरोसा कर लेते हैं. AI चैटबॉट्स के आने से पहले तक तो Google ही लगभग हर सवाल का जवाब माना जाता था. लेकिन यही आदत कभी-कभी परेशानी का कारण बन जाती है क्योंकि यूज़र अक्सर सर्च रिज़ल्ट्स को अंतिम सच मान लेते हैं बिना किसी जांच-पड़ताल के.

छोटी गलती, लेकिन बड़ा असर

हालांकि तारीख या साल से जुड़ी यह गलती मामूली लग सकती है, लेकिन ऐसी चूक कई बार गंभीर भ्रम पैदा कर सकती है. अगर इसी तरह की गड़बड़ी फाइनेंस, हेल्थ या कानूनी जानकारी में हो जाए तो इसके परिणाम कहीं ज्यादा गंभीर हो सकते हैं. यही वजह है कि Google जैसी बड़ी कंपनी से लोग लगभग शून्य गलती की उम्मीद रखते हैं.

क्या सर्च इंजन भी गलत हो सकते हैं?

अक्सर यह मान लिया जाता है कि सर्च इंजन कभी गलत नहीं होते, लेकिन सच्चाई इससे अलग है. Google समेत सभी सर्च प्लेटफॉर्म ऑटोमेटेड सिस्टम, कई डेटा सोर्स और AI मॉडल्स पर काम करते हैं. कई बार ये सोर्स आपस में मेल नहीं खाते जिससे गलत या पुरानी जानकारी सामने आ जाती है. Featured Snippets और Instant Answers जैसे फीचर्स यूज़र को तुरंत जवाब तो देते हैं लेकिन उनकी सटीकता हमेशा सुनिश्चित नहीं होती.

AI के दौर में बढ़ती जिम्मेदारी

आज के समय में जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से आगे बढ़ रहा है, तब सही और पारदर्शी जानकारी की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है. एलन मस्क का यह कमेंट सिर्फ मज़ाक नहीं, बल्कि एक चेतावनी की तरह भी देखा जा सकता है कि टेक कंपनियों को अपनी प्रणालियों पर लगातार काम करते रहना होगा.

यूजर्स के लिए सबक

यह घटना यूज़र्स के लिए भी एक अहम सीख है कि किसी भी महत्वपूर्ण जानकारी को आंख बंद करके न मानें. तारीख, पैसे, सेहत या कानून से जुड़ी जानकारी को हमेशा एक से ज्यादा स्रोतों से जांचना समझदारी है.

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