दिवंगत अभिनेता इरफ़ान खान भारतीय सिनेमा के सबसे शानदार कलाकारों में से एक थे. उन्होंने अपने दमदार अभिनय और सशक्त भूमिकाओं से दर्शकों के दिलों में जगह बनाई थी. 7 जनवरी, 1967 को जन्मे इरफ़ान खान की आज 58वीं बर्थ एनिवर्सरी है. उनका असली नाम साहबज़ादे इरफ़ान अली खान था. वे महज़ एक अभिनेता नहीं थे बल्कि वे एक कहानीकार थे जिनकी आंखें बहुत कुछ कह जाती थीं और जिनकी खामोशी में भी गहरा अर्थ छिपा होता था. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इरफान खान कभी क्रिकेटर बनना चाहते थे. चलिए आज एक्टर की बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर उनसे जुड़ी 10 अनसुनी बातें जानते हैं.

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राजेश खन्ना के घर एसी रिपेयर करने गए थेमुंबई में अपने शुरुआती वर्षों के दौरान, इरफान को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और उन्होंने अपना गुजारा चलाने के लिए कई छोटे-मोटे काम किए. उनकी लाइफ से जुड़ा एक अनसुना किस्सा ये है कि उन्होंने एक बार एयर कंडीशनर की मरम्मत का काम किया था. ऐसे ही एक सर्विस कॉल के दौरान, वे दिग्गज अभिनेता राजेश खन्ना के घर गए थे.

इरफ़ान खान के बारे में 10 अनसुनी बातें ये हैं

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  • इरफ़ान खान का जन्म राजस्थान के जयपुर में एक मुस्लिम परिवार में हुआ था, जिसकी जड़ें टोंक में ज़मींदारी परिवार से जुड़ी थीं. फैमिली बिजनेस में शामिल होने की उम्मीदों के बावजूद, उन्होंने एक्टिंग के प्रति अपने जुनून को चुना ये  एक ऐसा फैसला था जिसने भारतीय सिनेमा को अपने शानदार कलाकारों में से एक दिया था.
  • अभिनय को अपना करियर बनाने से पहले, इरफ़ान को क्रिकेट का बहुत शौक था. उन्हें सीके नायडू टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए चुना गया था, जो फर्स्ट क्लास क्रिकेट में करियर बनाने की चाह रखने वाले 23 वर्ष से कम आयु के खिलाड़ियों के लिए एक प्रेस्टिजियस मंच है. हालांकि, आर्थिक तंगी के कारण वे टूर्नामेंट में भाग नहीं ले सके थे.
  • मास्टर्स की पढ़ाई के दौरान, इरफ़ान को 1984 में नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय नाट्यशाला (एनएसडी) में स्टडी करने के लिए स्कॉलरशिर मिली. यहा से उन्होंने एक्टिंग में 1987 में ग्रेजुएशन की डिग्री ली थी.
  • इरफ़ान ने टेलीविजन और फिल्मों में छोटी भूमिकाओं से शुरुआत की थी. जिसके बाद उन्हें हासिल (2003) और मकबूल (2003) से काफी सराहना मिली. उन्हें इंटरनेशनल सक्सेस द नेम्सके (2006) से मिली थी.
  • समय के साथ, इरफ़ान उन कुछ भारतीय अभिनेताओं में से एक बनकर उभरे जिन्होंने भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा के बीच सक्सेफुली ब्रिज बनाया. उनके इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स में स्लमडॉग मिलियनेयर (2008), लाइफ ऑफ पाई (2012), द लंचबॉक्स (2013) और जुरासिक वर्ल्ड (2015) शामिल हैं.
  • इरफान ने 1995 में सुतापा सिकदर से शादी की थी. राइटर और प्रोड्यूस सुतापा कई उल्लेखनीय फिल्मों से जुड़ी रही हैं, जिनमें खामोशी: द म्यूजिकल, सुपारी, कहानी, मदारी और करीब करीब सिंगल शामिल हैं. उनके दो बेटे हैं, अयान खान और बाबुल खान. बाबुल ने फिल्म 'काला' से अभिनय की शुरुआत की और अपने अभिनय के लिए काफी तारीफ भी पाई थी.
  • फरवरी 2018 में, इरफान को न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर, कैंसर का एक रेयर फॉर्म, का पता चला था. उन्होंने अटकलों को समाप्त करने के लिए पब्लिकली अपनी बीमारी के बारे में बताया था और इलाज के लिए लंदन चले गए, जहां उन्होंने असाधारण साहस और गरिमा के साथ अपनी बीमारी का सामना किया.
  • 28 अप्रैल, 2020 को, इरफान को पेट के इंफेक्शन के कारण मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया. अगले दिन, 53 वर्ष की आयु में, उनका निधन हो गया, उनकी मां के निधन के महज चार दिन बाद.
  • इरफ़ान खान को यह गौरव प्राप्त है कि वे एकमात्र बॉलीवुड अभिनेता हैं जिन्होंने दो अकादमी पुरस्कार विजेता फिल्मों, स्लमडॉग मिलियनेयर और लाइफ ऑफ पाई में अभिनय किया है.
  • अपने पूरे करियर के दौरान, इरफ़ान को कई पुरस्कार मिले, जिनमें हासिल, लाइफ इन अ… मेट्रो और पान सिंह तोमर के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार शामिल हैं. कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें 2011 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया और पान सिंह तोमर (2012) के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला. उनके निधन के बाद, सिनेमा पर उनके असाधारण प्रभाव को देखते हुए उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था.

इरफान खान की कुछ सबसे चर्चित फिल्मों में द लंचबॉक्स, लाइफ ऑफ पाई, स्लमडॉग मिलियनेयर, कारवां, पीकू, हिंदी मीडियम और अंग्रेज़ी मीडियम शामिल हैं. 2020 में उनके निधन से दुनिया भर के सिनेमा लवर्स के दिलों में एक खालीपन सा आ गया.