Tech Tips: लैपटॉप का इस्तेमाल आज के समय में ज्यादातर लोग करते हैं. ऑफिस से लेकर बच्चों की पढ़ाई तक में आज लैपटॉप का इस्तेमाल हो रहा है. इसके साथ ही अक्सर देखा गया है कि लोग लैपटॉप को सफर के दौरान भी इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में लैपटॉप को चार्ज करने के लिए अक्सर लोग कार में यूएसबी पोर्ट का इस्तेमाल करने लगते हैं. लेकिन क्या ऐसा करना सही होता है. आइए जानते हैं पूरी सच्चाई.
क्या होते हैं नुकसान?
आपको बता दें कि अगर आप कम पावर वाले USB पोर्ट से लैपटॉप चार्ज करते हैं तो आपको कई सारी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं.
- लैपटॉप बिल्कुल चार्ज नहीं होगा.
- चार्जिंग की स्पीड बेहद स्लो रहेगी.
- इस्तेमाल के दौरान बैटरी चार्ज होने के बजाय और तेजी से खत्म हो सकती है.
- बार-बार कम पावर मिलने से चार्जिंग सिस्टम पर एक्सट्रा लोड़ पड़ सकता है.
- कुछ मामलों में कार का USB पोर्ट भी जरूरत से ज्यादा लोड के चलते खराब हो सकता है.
हालांकि आज कल के एडवांस लैपटॉप में सेफ्टी सिस्टम मौजूद होते हैं इसलिए डिवाइस को डॉयरेक्ट नुकसान कम पहुंचता है. लेकिन ये तरीका न तो प्रभावी है और न ही सही है.
क्यों नहीं करना चाहिए कार के USB पोर्ट से लैपटॉप चार्ज?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कार में दिए गए USB-A या कई पुराने USB-C पोर्ट से स्मार्टफोन, म्यूजिक प्लेबैक या डेटा ट्रांसफर के लिए बनाए जाते हैं. ये नॉर्मली सिर्फ 5V पर लिमिटेड पावर सप्लाई देते हैं जो ज्यादातर मामलों में 5W से 15W तक होती है.
वहीं, दूसरी ओर, एडवांस लैपटॉप को सही तरीके से चार्ज होने के लिए 45W, 65W, 90W या इससे भी ज्यादा पावर की जरूरत पड़ती है. ऐसे में कार का नॉर्मल USB पोर्ट इतनी बिजली देने में सक्षम नहीं होता है. इसीलिए कार में लैपटॉप को चार्ज करने से मना किया जाता है.
अगर USB-C पोर्ट है तो क्या करें?
जानकारी के लिए बता दें कि नई कारों में USB-C पोर्ट दिए जाने लगे हैं लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि हर USB-C पोर्ट हाई-पावर चार्जिंग को सपोर्ट करता है. कई USB-C पोर्ट केवल डेटा ट्रांसफर या कम पावर चार्जिंग के लिए होते हैं.
इसलिए अगर आपकी कार USB Power Delivery (USB PD) सपोर्ट नहीं करती है तो लैपटॉप को ठीक से बिजली नहीं मिलेगी. इसलिए केवल USB-C देखकर उसमें लैपटॉप को चार्जिंग पे लगा देना सही नहीं माना जाता है.
क्या है लैपटॉप चार्ज करने का सही तरीका?
अगर आपको सफर के दौरान लैपटॉप चार्ज करना है तो सबसे अच्छा ऑप्शन हाई-क्वालिटी कार चार्जर है जो USB Power Delivery (PD) सपोर्ट करता हो. ऐसा चार्जर कार के 12V सॉकेट में लगाया जाता है और 45W, 65W या उससे ज्यादा आउटपुट दे सकता है.
इससे ज्यादातर एडवांस लैपटॉप सुरक्षित और तेजी से डिवाइस को चार्ज करते हैं. अगर आपका लैपटॉप ज्यादा पावर मांगता है तो आप पावर इन्वर्टर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. ये कार की DC बिजली को AC सप्लाई में बदल देता है जिससे आप लैपटॉप का ओरिजिनल चार्जर भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
कार की बैटरी का भी रखें ध्यान
बता दें कि अगर कार का इंजन बंद है और आप लंबे समय तक लैपटॉप चार्ज करते रहते हैं तो कार की बैटरी डिस्चार्ज हो सकती है. इसलिए कोशिश करें कि चार्जिंग के दौरान इंजन चालू हो या फिर जरूरत से ज्यादा समय तक चार्जिंग न करें.
इसके अलावा हमेशा अच्छी क्वालिटी वाले चार्जर और केबल का ही इस्तेमाल करना चाहिए. सस्ते और बिना वेरिफाईड एक्सेसरीज को इस्तेमाल करने से डिवाइस की परफॉर्मेंस भी खराब होती है और डिवाइस खराब होने का भी खतरा बना रहता है.
इसीलिए कार का नॉर्मल USB पोर्ट लैपटॉप चार्ज करने के लिए नहीं बनाया गया है. इससे लैपटॉप को अच्छे से पावर सप्लाई नहीं मिलती और चार्जिंग बहुत स्लो होती है. अब अगर सफर के दौरान लैपटॉप चार्ज करना जरूरी है तो USB Power Delivery सपोर्ट करने वाला कार चार्जर या पावर इन्वर्टर सबसे सेफ तरीका साबित हो सकता है.
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