Claude Fable 5: अमेरिकी एआई एजेंसी एंथ्रोपिक ने अपने पावरफुल साइबर सिक्योरिटी मॉडल Claude Mythos का पब्लिक वर्जन Claude Fable 5 लॉन्च कर दिया है. कंपनी का कहना है कि यह पब्लिक यूज के लिए सेफ है और इसमें कई सुरक्षा उपाय किए गए हैं. बता दें कि पिछले काफी समय से एआई कंपनियां एक के बाद एक पावरफुल मॉडल लॉन्च कर रही हैं. एंथ्रोपिक ने कुछ दिन पहले ही ऐलान किया था कि वह पब्लिक यूज के लिए Mythos जैसा मॉडल लाएगी और अब इसे लॉन्च कर दिया गया है. आइए जानते हैं कि यह Claude Mythos से कितना अलग है.

Continues below advertisement

Claude Fable 5 में Mythos जैसी कैपेबिलिटीज- एंथ्रोपिक

एंथ्रोपिक का कहना है कि Claude Fable 5 में Mythos जैसी कैबेलिटीज हैं, लेकिन इसमें कई सेफ्टी कंट्रोल दिए गए हैं. इस कारण साइबर सिक्योरिटी, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और कुछ मॉडल ट्रेनिंग एक्टिविटीज को डेडिकेटेड सेफ्टी सिस्टम के जरिए स्क्रीन किया जा रहा है. जब इस सिस्टम के पास कोई सेंसेटिव क्वेरी आएगी तो यह उस रिक्वेस्ट को एक कम कैपेबल Claude Opus 4.8 मॉडल के पास भेज देगा. इससे यूजर को उसके प्रॉम्प्ट का रिस्पॉन्स मिल जाएगा और मिसयूज का भी खतरा नहीं रहेगा. नए मॉडल के बारे में बताते हुए एंथ्रोपिक ने कहा कि इस तरह के मॉडल को रिलीज करने के खतरे भी हैं. बिना सुरक्षा उपायों के Fable 5 की कैपेबिलिटीज का मिसयूज कर बड़ा नुकसान किया जा सकता है.

Continues below advertisement

Claude Fable 5 की खास बातें क्या हैं?

एंथ्रोपिक का कहना है कि Fable 5 उसके अब तक के सारे पब्लिक एआई मॉडल्स से बेहतर है. यह मुश्किल सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट्स को हैंडल, विजुअल और बड़े डेटा को समझ और एनालाइज कर सकता है. इसके अलावा यह लाखों टोकन वाले लंबे टास्क के दौरान भी अपना फोकस मैंटेन रखता है. नया मॉडल एंथ्रोपिक की सर्विसेस और API के जरिए अवेलेबल है. 

पब्लिक के लिए अवेलेबल नहीं है Claude Mythos

एंथ्रोपिक का साइबर सिक्योरिटी मॉडल Claude Mythos दुनियाभर में तहलका मचा रहा है. यह मॉडल इतना पावरफुल है कि किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम और सॉफ्टवेयर को चुटकियों में हैक कर सकता है. एंथ्रोपिक का कहना है कि अभी तक उसके समेत दुनिया की किसी भी कंपनी के पास Mythos के मिसयूज को रोकने का तरीका नहीं है. इसके चलते इसे पब्लिक के लिए अवेलेबल नहीं करवाया गया है. अभी भारत समेत दुनिया के कुछ ही देशों की चुनिंदा कंपनियों के पास इसकी एक्सेस है, जो इसकी मदद से अपने सिस्टम और सॉफ्टवेयर की खामियों का पता लगाकर उन्हें दूर कर रही हैं.

ये भी पढ़ें-

हैक होने की नहीं रहेगी टेंशन, ऐप्पल इंटेलीजेंस का नया AI फीचर अपने आप बदल देगा पासवर्ड