आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पूरी दुनिया में अलग-अलग तरीकों से काम कर रहा है. टेक कंपनियां भी इस टेक्नोलॉजी का काफी तेजी से इस्तेमाल कर रही हैं. इसी कड़ी में बता दें कि चीन ने आर्टफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल काफी एडवांस लेवल पर करना शुरू कर दिया है. बता दें कि चीन की टेक कंपनी Alibaba ने अपना नया AI वीडियो जनरेशन मॉडल Wan3.0 पेश किया है. कंपनी का दावा है कि ये मॉडल किसी भी डॉक्यूमेंट को सेकेंडों में वीडियो में बदलने में सक्षम है.

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डॉक्यूमेंट से बन जाएगा वीडियो

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, Wan3.0 डॉक्यूमेंट, स्प्रेडशीट, प्रेजेंटेशन और वेब पेज जैसे सोर्सेज से जानकारी लेकर वीडियो में तैयार कर सकता है. इसका मतलब है कि अगर किसी कंपनी के पास पहले से कोई रिपोर्ट, प्रेजेंटेशन या वेब पेज मौजूद है तो उसे दोबारा वीडियो स्क्रिप्ट में बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी. AI उस कंटेंट को समझकर उसे विजुअल वीडियो फॉर्मेट में आसानी से बदल देगा.

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इन लोगों के आयेगा काम

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस मॉडल की सबसे खास बात ये है कि ये 30 सेकेंड के वीडियो बनाने में सक्षम है. इससे साफ होता है कि ये मॉडल ऐसे लोगों के लिए परफेक्ट है जिन्हें शॉर्ट फॉर्मेट वीडियो मार्केटिंग या सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के लिए जरूरत होती है. हालांकि, वीडियो की असली क्वालिटी और आउटपुट इनपुट कंटेंट, कमांड और इस्तेमाल किए जाने वाले फीचर्स पर निर्भर करता है. इसके अलावा इस टेक्नोलॉजी का सबसे बड़ा फायदा कंटेंट क्रिएटर्स, मार्केटर्स और बिजनेस यूजर्स को मिलेगा.

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चीन-अमेरिका में तेज हुई AI रेस

Wan3.0 मॉडल की एंट्री से कई देशों की चिंता जरूर बढ़ सकती है. चीन की टेक कंपनी जनरेटिव AI के क्षेत्र में तेजी से अपनी टेक्नोलॉजी को डेवलप कर रही है. अमेरिका की Google समेत कई बड़ी कंपनियां पहले से ही AI वीडियो और मल्टीमीडिया जनरेशन पर काम कर रही हैं.

ऐसे में Alibaba का नया मॉडल इस ग्लोबल AI रेस को और दिलचस्प बना सकता है. आने वाले समय में AI का इस्तेमाल केवल टेक्स्ट या इमेज बनाने तक ही सीमित नहीं रहने वाला है बल्कि अब डॉक्यूमेंट्स से वीडियो और उससे आगे की टेक्नोलॉजी भी देखने को मिल सकती है.

वीडियो क्रिएशन में होगा बदलाव

Wan3.0 की सबसे जरूरी चीज ये है कि ये AI वीडियो जनरेशन को केवल क्रिएटिव इस्तेमाल से आगे ले जाकर कॉमर्शियल इस्तेमाल के करीब लाने की कोशिश करता है. अगर मॉडल असली कंडिशन में उम्मीद के मुताबिक काम करता है तो कंपनियों और क्रिएटर्स के लिए मौजूदा जानकारी से तेजी से वीडियो तैयार करना काफी आसान हो सकता है.

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