Tempered Glass Tips: चाहे फोन महंगा हो या सस्ता, अधिकतर लोग डिस्प्ले की प्रोटेक्शन के लिए टेम्पर्ड ग्लास जरूर यूज करते हैं. इनमें से कम ही लोग ऐसे होते हैं, जो अच्छी क्वालिटी वाले टेम्पर्ड ग्लास को चुनते हैं. ज्यादातर लोग आसानी से मार्केट में हर जगह मिल जाने वाले सस्ते टेम्पर्ड ग्लास से ही काम चला लेते हैं. सस्ता टेम्पर्ड ग्लास लगाकर भले ही एक बार पैसे बच जाएं, लेकिन इससे स्मार्टफोन यूज करने का मजा खराब हो जाता है. आइए जानते हैं कि सस्ता टेम्पर्ड ग्लास कैसे आपको टेंशन दे सकता है.

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स्क्रीन टूटने का डर

सबसे बड़ी टेंशन यह है कि टेम्पर्ड ग्लास को जिस काम के लिए लगाया जाता है, ये वही काम करने में फेल हो सकते हैं. दरअसल, सस्ते टेम्पर्ड ग्लास की क्वालिटी खराब होती है, जिससे अगर फोन गिर जाता है तो यह उस शॉक को पूरी तरह अब्जॉर्ब नहीं कर पाएंगे. इससे स्क्रीन टूटने का खतरा रहता है.

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स्क्रीन हो जाती है धुंधली

सस्ते टेम्पर्ड ग्लास से स्क्रीन की ब्राइटनेस और क्लैरिटी पर असर पड़ता है. कई बार थोड़े से यूज के बाद इस ग्लास से कारण स्क्रीन धुंधली दिखाई देनी लगती है. आउटडोर में यह दिक्कत और बढ़ जाती है. इसकी वजह यह है कि सस्ते टेम्पर्ड ग्लास में ऑप्टिकल क्लैरिटी नहीं होती.

टच रिस्पॉन्स भी फीका

सस्ते टेम्पर्ड ग्लास लगाने से फोन का टच रिस्पॉन्स स्लो हो जाता है. यानी आपको स्क्रीन पर कुछ प्रेस करने के लिए एक की जगह दो बार टच करना पड़ सकता है. इससे फोन को लंबे समय तक यूज करना काफी झुंझलाहट भरा हो सकता है.

ठीक से काम नही करते सेंसर

सस्ते टेम्पर्ड ग्लास स्क्रीन पर एकदम सही तरीके से फिट नहीं होते. इनकी खराब कटिंग के कारण कई बार फोन के सेंसर को कवर कर लेते हैं. इस वजह से प्रॉक्सिमिटी सेंसर आदि ठीक तरीके से काम नहीं कर पाते और फोन यूज करते समय आपको दिक्कत आना पक्का है.

स्क्रीन का चिपचिपा होना

अच्छी क्वालिटी वाले टेम्पर्ड ग्लास पर एक कोटिंग होती है, जो उसे फिंगरप्रिंट और स्किन के कॉन्टैक्ट में आने से ऑयल आदि जमने से बचाती है. सस्ते ग्लास में यह कोटिंग नहीं होती. इसी कारण स्क्रीन पर फिंगरप्रिंट छप जाते हैं और पसीने और ऑयल आदि के कारण यह चिपचिपी लगने लगती है.

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