Bifacial Solar Panels: अगर आप सोलर एनर्जी सिस्टम लगाने की सोच रहे हैं तो आपको Bifacial Solar Panel की जानकारी होना जरूरी है. पिछले कुछ समय से इनका यूज बढ़ा है और इसकी वजह इन पैनल में मिलने वाले फायदे हैं. ये पैनल न सिर्फ डायरेक्ट सनलाइट से पावर जनरेट कर सकते हैं बल्कि रिफ्लेक्ट होकर आने वाली सनलाइट को भी एब्जॉर्ब कर बिजली बना लेते हैं. आज हम आपके लिए इन पैनल के फायदे और काम करने के तरीके समेत सारी जरूरी जानकारी लेकर आए हैं.

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कैसे काम करते हैं Bifacial Solar Panels?

Bifacial Solar Panel ट्रेडिशनल Photovoltaic Panel से थोड़े अलग होते हैं. ये दोनों साइड से सनलाइट को कैप्चर करते हैं. इन पैनल में ट्रांसपेरेंट बैकशीट लगी होती है, जिससे लाइट फ्रंट से ट्रांसमिट होकर बैक सरफेस पर चली जाती है. इस अनोखे डिजाइन के कारण ये सोलर पैनल डायरेक्ट के साथ-साथ रिफ्लेक्टेड सनलाइट को भी एनर्जी प्रोडक्शन के लिए यूज करते हैं, जिससे एफिशिएंसी बढ़ती है.

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Bifacial Solar Panel के लिए टेक्नीकल रिक्वायरमेंट क्या है?

इन पैनल का पूरा फायदा उठाने के लिए कुछ टेक्नीकल रिक्वायरमेंट हैं. इन्हें स्ट्रक्चर या फ्रेम पर माउंट किया जाता है. यह भी मायने रखता है कि इन पैनल्स को कहां लगाया जा रहा है. ये ओपन फील्ड और लाइट कलर के मैटेरियल वाले सरफेस पर बेहतर परफॉर्म करते हैं क्योंकि इन जगहों पर रिफ्लेक्टेड सनलाइट को कैप्चर किया जा सकता है. इसके साथ मैक्सिमम एनर्जी प्रोडक्शन के लिए इनका इनक्लाइनेशन एंगल भी बहुत मायने रखता है. सीजन और जगह के हिसाब से टिल्ट एंगल को सेट कर एनर्जी प्रोडक्शन में इजाफा किया जा सकता है. इन्हें छत के अलावा सोलर फार्म्स, लेक और दूसरी वॉटर बॉडीज के पास इंस्टॉल करना अधिक फायदेमंद है.

Bifacial Solar Panel के फायदे क्या हैं?

ज्यादा एनर्जी प्रोडक्शन- अपने अलग डिजाइन के कारण ये ज्यादा एनर्जी प्रोड्यूस कर सकते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोनोफेशियल  पैनल की तुलना में ये 30 प्रतिशत तक अधिक बिजली पैदा कर सकते हैं.डिफ्यूज लाइट कंडीशन में बेहतर परफॉर्मेंस- ये पैनल डायरेक्ट सनलाइट न होने पर भी पूरी एफिशिएंसी के साथ काम कर सकते हैं. रिफ्लेक्टेड सनलाइट को कैप्चर करने की कैपेबिलिटी इन्हें ज्यादा एफिशिएंट बनाती है.डिजाइन फ्लेक्सिबिलिटी- ट्रांसपेरेंट बैकशीट के कारण ये पैनल भद्दे नहीं लगते और बिल्डिंग की सुंदरता को बढ़ाते हैं. अगर शहरों की बात करें तो इनकी अपीयरेंस के चलते इन्हें बिल्डिंग के एस्थेटिक में भी शामिल किया जा सकता है.ड्यूरैबिलिटी- ट्रेडिशनल पैनल की तरह इन्हें भी मजबूत मैटेरियल से बनाया जाता है, जिससे ये हर प्रकार के मौसम का सामना कर सकते हैं. इनमें क्रैक्स आने का भी खतरा कम रहता है.

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